अमेरिका तक पहुंची मोदी-नीतीश की लड़ाई

5 years ago बी. के. पाण्डेय 0

enter site सियासत ऐसी बला है कि जहां पहुंच जाए, बवाल खड़ा कर देती है। फर्ज कीजिए कि अकादमिक जगत के उस्तादों की जंग राजनीतिक मैदान तक पहुंच जाए, तो कैसा नजारा होगा? आम चुनावों की ओर बढ़ते देश में इन दिनों नरेंद्र मोदी और नीतीश कुमार की ‘दुश्मनी’ खासी सुर्खियां बटोर रही है और अब इस लड़ाई में बुद्धिजीवी वर्ग भी कूद गया है। कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले जगदीश भगवती और अरविंद पनागरिया की जोड़ी ने मोदी के पक्ष में मोर्चा खोल दिया है। हमले नोबल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन पर हो रहे हैं, लेकिन वह भी मैदान छोड़ने को तैयार नहीं। एक इंटरव्यू में भगवती-अरविंद ने कहा, ‘हम मोदी के इकनामिक्स से प्रभावित हैं।’ कांग्रेस नीतीश के जनता दल यूनाइटेड से पींगे बढ़ा रही है, जिसने हाल में भाजपा से 17 साल पुराना रिश्ता तोड़ा है। सेन का कहना है, ‘जगदीश ने कई बार ऐसी कोशिश की है, लेकिन मैंने कभी उनके बारे में कुछ नहीं कहा।’ पिछले साल अपनी किताब में भगवती और अरविंद ने केरल मॉडल बनाम गुजरात माडल की बहस को सामने ला दिया था।

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