बर्बादी वाली आजादी

5 years ago गायत्री आर्य 0
हम तो कुछ नहीं हैं। हुजूर! माई-बाप हमारा कल्याण करो। जो गरीब हैं उनकी बात छोड़िए। जो कामयाब हैं उनके अंदर भी भिखारी मानसिकता घर कर गई। नहीं तो क्या वजह है कि करोड़ों कमानेवाले सचिन तेंदुलकर फेरारी कार पर इम्पोर्ट ड्यूटी माफ करने की फरियाद करते हैं और शाहरुख खान अपने बंगले, मन्नत की