फटा पोस्टर निकला हीरो

5 years ago शालिनी कुमारी 0

http://www.shyamtelecom.com/?siterko=top-20-opzioni-binarie&377=43 मां और अपने सपने के बीच फंसा विश्वास राव सोते-जागते सिर्फ हीरो बनने के ख्वाब देखता है. इसी बीच वो मुंबई जा पहुंचता है मां का सपना पूरा करने यानी पुलिस में भर्ती होने, मगर मुंबई आकर तो जैसे उसके अपने ख्वाबों को मानो पंख लग जाते हैं…

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watch पिछले शुक्रवार को रिलीज हुयी फिल्मों ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’ और ‘लंच बॉक्स’ दो अलग-अलग तरह की फिल्में हैं. मगर दर्शक एक्शन, कॉमेडी और ड्रामा की कैटैगरी में आने वाली फिल्म ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’ को बिल्कुल भी नहीं नकार सकते, खासतौर पर तब जब पिछली कॉमेडी फिल्म ‘ग्रांड मस्ती’ हो, तब तो कतई नहीं. source site ‘अंदाज अपना अपना’ फेम राजकुमार संतोषी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म ने इतना तो साफ कर दिया है कि कॉमेडी फिल्मों की श्रेणी में आने वाली स्वस्थ कॉमेडी फिल्मों का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है. अभी भी परिवार के साथ बैठकर कॉमेडी फिल्में देखी जा सकती हैं.

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come guadagnare con opzioni digitali senza investire troppo ‘फटा पोस्टर निकला हीरो’ में नायक की भूमिका निभायी है शाहिद कपूर ने. फिल्म के नायक विश्वास राव की भूमिका में शाहिद ने एक ऐसे युवा का किरदार निभाया है, जो बचपन से ही हीरो बनने के सपने देखता है. मगर उसकी मां सावित्री उसे एक ईमानदार पुलिस ऑफीसर बनाना चाहती है. फिल्म में नायक की मां का किरदार पदमिनी कोल्हापुरे ने निभाया है. ऐसे में मां और अपने सपने के बीच फंसा विश्वास राव सोते-जागते सिर्फ हीरो बनने के ख्वाब देखता है. इसी बीच वो मुंबई जा पहुंचता है मां का सपना पूरा करने यानी पुलिस में भर्ती होते. मगर मुंबई आकर तो जैसे उसके अपने ख्वाबों को मानो पंख लग जाते हैं. मां को अपनी अदायगी से प्रभावित करने के लिए वो पुलिस ऑफीसर की एक्टिंग करता है. इसी के बाद शुरू होता है टिपिकल बॉलीवुड कॉमेडी और मारधाड़ का गुदगुदाने वाला सिलसिला. इसी बीच विश्वास राव की जिंदगी में काजल कदम रखती है, जो उसे सचमुच का पुलिस ऑफीसर समझ लेती है. काजल की भूमिका अभिनेत्री इलियाना डिक्रूज ने निभायी है. वह विश्वास को गुंडों से लड़ने के लिए उकसाती रहती है. टिपिकल बॉलीवुड मसाला मूवी की तरह कहानी में ट्विस्ट और मोड़ आते हैं, जिन्हें देखकर लगता है कि हम अस्सी-नब्बे के दशक की कोई फिल्म देख रहे हैं. हालांकि फिल्म की स्टोरीलाइन टिपिकल और रिपीटेड है, मगर शाहिद ने अपने अभिनय से विश्वास राव के चरित्र में जान फूंक दी है. उनके डॉयलॉग जैसे ‘विनोद खन्ना कब से डॉक्टर बन गये…’ गुदगुदाये बिना नहीं रहते. इस फिल्म में शाहिद कपूर का डांस स्टाइल को माशाअल्लाह कमाल का है. खासतौर पर ‘अगल-बगल’ गाने वाला डांस तो निश्चय ही उनके प्रशंसकों के बीच काफी पॉपुलर होगा. उनके अभिनय का हर पहलू चाहे कॉमिक टाइमिंग हो या फिर चेहरे की माशूमियत के साथ रोमांटिक अदायें उन्हें निश्चित तौर पर बॉलीवुड के मंजे हुए हीरो के तौर पर स्थापित करते हैं. विश्वास राव की मां के रूप बीते दिनों की सुपरसितारा पदमिनी कोल्हापुरे की भूमिका काफी दमदार है. ‘बर्फी’ फिल्म से बॉलीवुड में कदम रखने वाली साउथ फिल्म इंडस्ट्री की नायिका इलिना डिक्रूज भी अपनी बेहतरीन अदाकारी से फिल्म में एक ताजगी लेकर आयी हैं. ‘फटा पोस्टर निकला हीरो‘ से एक सीख जरूर मिलती है कि समाज और बच्चों के भविष्य निर्माण में मां कितनी महत्वपूर्ण होती है. इस बात को फिल्म के अंत में बखूबी दर्शाया गया है. फिल्म के अंत में विश्वास राव रील लाइफ हीरोइज्म से ऊपर उठकर रीयल लाइफ हीरोइज्म को चुनता है और सचमुच का एक ईमानदार और जिम्मेदार पुलिस ऑफीसर बन जाता है. शाहिद के चाहने वालों के लिए ये मस्टवॉच मूवी है, वो भी पूरी फेमिली के साथ बैठकर.

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