बहुत तेजी में हैं योगी

12 months ago Editor 0

जिस तरह से नरेन्द्र मोदी ने सरकारी विभागों से लेकर संसद तक में सुधार और साफ सफाई का अभियान चलाया था कुछ उसी राह पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चल रहे हैं…

~ ज्योति आलोक

प्रधानमंत्री बनने के बाद जिस तरह से नरेन्द्र मोदी ने सरकारी विभागों से लेकर संसद तक में सुधार और साफ सफाई का अभियान चलाया था कुछ उसी राह पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी चल रहे हैं, लेकिन मोदी से तेज। उनका जोश, चुस्ती और एक्शन देखकर ऐसा लग रहा है कि कोई हीरो एक्शन में है। आते ही सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू, गुटखे का सेवन बंद, अवैध बूचडखाने बंद और एंटी रोमियो मूवमेंट चलाकर एक नया इतिहास रच दिये हैं। लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती तीन तलाक को रोकना है। प्रदेश में भाजपा को मिले ऐतिहासिक बहुमत में उन मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों का भी अमूल्य योगदान है जो तीन तलाक के विरोधी हैं। अब योगी के मुख्यमंत्री बनते ही महिलाओं ने तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने की मांग तेज कर दी है। योगी भी भाजपा के चुनावी वादे को पूरा करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगा रहे हैं और इस दिशा में उनको विरोध के साथ ही समर्थन भी मिल रहा है। शिया धर्मगुरु और ऑंल इंडिया शिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रवक्ता मौलाना यासूब अब्बास ने तीन तलाक को गैर इस्लामिक करार दिया। उन्होंने कहा कि एक तरफ हम ये कहते हैं कि इस्लाम में औरतों का मुकाम सबसे ऊपर है वहीं दूसरी तरफ हम अभी भी तीन तलाक जैसी कुप्रथा को ढो रहे हैं। इससे तीन तलाक पर प्रतिबंध लगाने के अभियान को बल मिला है।

गौरतलब है कि तीन तलाक का मुद्दा यूपी चुनाव पर भी छाया रहा है। अमित शाह ने भाजपा का घोषणापत्र जारी करते हुए कहा था कि अगर यूपी में उनकी पार्टी सत्ता में आई, तो वह तीन तलाक के मुद्दे पर प्रदेश की मुस्लिम महिलाओं से राय लेगी और उसके अनुसार सुप्रीम कोर्ट जाएगी। बता दें, यह मुद्दा सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है और इसका फैसला आना बाकी है। सुप्रीम कोर्ट अगर महिलाओं के पक्ष में निर्णय करता है तो योगी तनिक भी देर नहीं करेंगे और तीन तलाक पर प्रतिबंध लगा देंगे। तीन तलाक के साथ योगी के सामने प्रदेश में अवैध बूचडखानों पर नकेल कसना सबसे बड़ी चुनौती है। अपनी इस चुनौती को अमलीजामा पहनाने के लिए सरकार ने उत्तरप्रदेश में अवैध बूचडखानों पर ताला जडना शुरू कर दिया है। मुख्यमंत्री के इस कदम की खूब सराहना हो रही है। आज अवैध बूचडखानों के खिलाफ बिहार, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखण्ड सहित अन्य राज्यों में भी अभियान चल पड़ा है। योगी अपने इन फैसलों के अलावा जिस फैसले से लोक नायक बन गए हैं वह है महिलाओं की सुरक्षा। जिस मुख्यमंत्री ने सीएम पद की शपथ लेने के चार दिन बाद लड़कियों से छेड़छाड़ करने वालों पर नकेल कसने के लिए एंटी रोमियो स्कवॉयड गठित करने का ऐलान कर दिया है, उससे पता चलता है कि ऐसे व्यक्ति अपने राज्य में महिला सुरक्षा के लिए कितने गम्भीर है। समाज में लड़कों का एक ऐसा वर्ग है जो लड़कियों पर फब्तियां कसने और छेड़छाड़ से नहीं चूकता। लड़कियां चुप रहती हैं इसका मतलब यह नहीं कि वह कुछ कर नहीं सकतीं लेकिन योगी ने सही पग उठाया है। एक समय था जब पुलिस अर्थात खाकी वर्दी वाला कोई जवान किसी मोहल्ले या स्कूल के आगे से निकल जाए तो अपराधी तत्व कांप जाते थे। खाकी की दहशत ही होनी चाहिए लेकिन माफ करना जब अपराधी तत्व थानों में बैठकर दोस्तियां निभाने लग जाएं तो फिर जुर्म कैसे खत्म होंगे। योगी आदित्यनाथ ने कानून का डर अपराधियों और विशेष रूप से मनचलों के दिलों में फिर से स्थापित करने की पहल की है। इनके इस कदम से मनचले ही नहीं बल्कि बाहुबलि नेता भी कानून के दायरे में रहकर काम करने को मजबूर हो रहे हैं। यानी आज उत्तर प्रदेश में कानून का राज दिखने लगा है।

यूपी में आदित्य नाथ ने ताबड़तोड़ सुधार के जो कदम उठाए हैं वे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायी बन गए हैं। उत्तरप्रदेश में एंटी रोमियो दस्तों के गठन के बाद मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी मप्र में एंटी रोमियों दस्ता गठित करने का ऐलान किया है। यही नहीं योगी की सतर्कता से उत्तरप्रदेश का प्रशासन सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय से लेकर थानों तक तेजी दिखाई दे रही है। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के दो करोड़ से अधिक लघु एवं सीमांत किसानों का एक लाख रुपये तक का फसली कर्ज माफ करने का महत्वपूर्ण फैसला किया। इस फैसले से प्रदेश के राजकोष पर 36359 करोड़ रुपये का बोझ आएगा। लेकिन प्रदेश की जनता को राहत पहुंची है। अब अन्य प्रदेेशों में सरकारें अपने यहां के किसानों के कर्ज माफ करने पर विचार कर रही है। योगी सरकार ने धार्मिक स्थलों को 24 घंटे बिजली देने का प्रावधान किया गया है। बिजली महकमे के लोग गांवों में भी जाकर काम करेंगे। वहीं गांव में 18 घंटे बिजली के आदेश दिए गए हैं। साथ ही गन्ना किसानों को 14 दिन में पैसा देने के आदेश दिए गए हैं। गन्ना किसानों का पुराना भुगतान 4 माह में देने का आदेश दिया गया है।