कालजयी महाकाव्य ‘कृष्णायन’ का मुख्यमंत्री ने किया विमोचन

6 months ago एम सांकृत्यायन 0

पिछली पच्चीस अप्रैल को सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने सहयोगी उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के साथ आजमगढ़ मण्डल की समीक्षा के लिए मण्डल-मुख्यालय पर आये थे. इस दौरान भाजपा कार्यकर्त्ताओं संग नेहरू हाल में आयोजित बैठक के प्रारम्भ होने से पूर्व ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पंडित सहदेव पाण्डेय ‘सांकृत्यायन’ के कालजयी महाकाव्य ‘कृष्णायन’ का विमोचन किया. इस अवसर पर भाजपा नेता माहेश्वरीकान्त पाण्डेय, अखिलेश कुमार मिश्र ‘गुड्डू’, गौरव पाण्डेय आदि सहित हजारों भाजपा कार्यकर्ता मौजूद थे.

‘कृष्णायन’ महर्षि वेदव्यास के श्रीमद्भागवत महापुराण के दशम् स्कन्ध का लोकभाषा हिन्दी एवं भोजपुरी के दोहे, सोरठे, चौपाई, सवैये एवं दृष्टान्तों से युक्त 7278 मात्रिक छन्दों का दो भागों में रचित महाकाव्य है. ‘कृष्णायन’ के प्रथम भाग (पूर्वार्द्ध) में कुछ 4147 मात्रिक छन्द हैं, जिसमें 720 दोहे, 3241 चौपाई, 92 सोरठे तथा 94 दृष्टान्त छन्द हैं. इसी प्रकार ‘कृष्णायन’ के द्वितीय भाग (उत्तरार्द्ध) में कुल 3131 मात्रिक छन्द हैं, जिसमें 672 दोहे, 2427 चौपाई, 11 सवैया और 21 दृष्टान्त छन्द हैं. ‘कृष्णायन’ महाकाव्य की रचना 22 फरवरी 2010 से प्रारम्भ हुई और 2016 में समाप्त हुई. इस प्रकार लगभग 6 वर्षों के श्रम का प्रतिफल के रूप ‘कृष्णायन’ समाज को मिला है.