मेरा देश बदल रहा है …

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प्रधानमंत्री मोदी के तीन साल की असाधारण उपलब्धियों पर आंख मूंदकर जनता ने भरोसा किया है। मेरा देश बदल रहा है और न्यू इंडिया बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ पूरे देश की जनता कदमताल मिलाने को तैयार है …
~ हरीश चंद्र श्रीवास्तव

आज से तीन साल पहले देश ने राजनीतिक दृष्टि से एक अनअपेक्षित दृश्य देखा। पहली बार कोई प्रधानमंत्री संसद में प्रथम प्रवेश पर द्वार पर मत्था टेकता है और जन-गण के प्रति सम्मान की मुखर अभिव्यक्ति करता है। यह दृश्य कुछ पलों का था, परंतु इसका भाव और फलक इतना विराट था कि देश की जनता को निराशा से आशा के पथ पर ले जाने वाला प्रेरक साबित हुआ। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली तो वह पिछले 70 सालों में उपजी गरीबी, भेदभाव, बेरोजगारी, असुरक्षित सीमाओं व संसाधनहीन सेना का दर्द, सत्ता प्रतिष्ठान के शीर्ष पर बैठे व्यक्तियों का भ्रष्टाचार और दुनिया में दीन-हीन समझे जाने वाले ऐसे राष्ट्र के लोगों की आगे बढने और श्रेष्ठ भारत के निर्माण की आकांक्षा और आशा का प्रस्फुटन था, जो राजनीति और राजनीतिज्ञों में विश्वास करना छोड़ रहा था।

प्रधानमंत्री मोदी ने 2 अक्टूबर 2014 को जब स्वच्छता को एक अभियान बनाने के लिए खुद झाडू़ उठाई और देश के लाखों लोगों को इसके लिए प्रेरित किया तो यह केवल प्रतीकात्मक नहीं था, बल्कि सदियों तक मैला ढोने की अमानवीय प्रथा को झेलने वाले देश के लोगों को संवेदनशीलता के उस स्तर पर लाने का प्रयास था, जो उनमें एक जिम्मेदार नागरिक के बीज को पल्लवित कर सके। यह गांव व गरीबों की महिलाओं के सम्मान व गरिमा को बहाल करने का आंदोलन था। 2019 तक पूरे देश को खुले में शौच से मुक्त करने का बीड़ा उठाए मोदी सरकार ने एक साल में ही 80 लाख से ज्यादा शौचालय बनवा दिए। अब तक कुल 4 करोड़, 2 लाख 98 हजार से ज्यादा शौचालय बनवा जा चुके हैं और 2 लाख 494 से ज्यादा गांव खुले में शौच से मुक्त घोषित किए जा चुके हैं।

आजादी के 70 साल बीतने के बाद देश में एक ओर करोड़ों मां-बहनें आज भी लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाकर जोखिम में पड़ती हों, यह बात प्रधानमंत्री मोदी के हृदय को वेदना पहुंचाती थी। मां और बहनों का कष्ट दूर करने के लिए प्रधानमंत्री उज्जवला योजना चलाकर मोदी सरकार अब तक देश के 694 जिलों में 2 करोड़ 25 लाख 69 हजार 491 गरीब परिवारों को एलपीजी गैस सिलेंडर और चूल्हा निःशुल्क दे चुकी है। देश के हर गरीब परिवार को एलपीजी सिलेंडर देने के संकल्प पर सरकार लगातार काम कर रही है।

देश में इतनी सरकारें आईं और र्गइं, लेकिन 18452 गांव के लोगों ने देखा ही नहीं था कि बिजली का बल्ब या पंखा क्या होता है। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे मिशन बना लिया और कहा कि एक हजार दिनों में इन सारे गांवों में बिजली पहुंचाएंगे। परिणाम यह हुआ कि तीन साल मेें पिछले 15 मई तक 13469 गांवों में बिजली पहुंचाई दी गई। शेष गांवों में मई 2018 तक बिजली पहुंचाने के लिए कार्य प्रगति पर है। गरीबी रेखा से नीचे के 40 लाख लोगों को मोदी सरकार ने निःशुल्क बिजली कनेक्शन दिया। तीन सालों में बिजली उत्पादन में देश को न केवल आत्मनिर्भर बना दिया है, बल्कि अब देश का कोई भी राज्य 24 घंटे बिजली खरीद सकता है, ऐसी व्यवस्था तैयार कर दी। अब देश के कुल 5 लाख 97 हजार 464 गांवों में से 99.3 प्रतिशत अर्थात 5 लाख 93 हजार 519 गांवों को विद्युतीकृत कर दिया गया है।

गरीबी और गरीबों की पीड़ा का अहसास प्रधानमंत्री मोदी को सदा रहा और वे महसूस करते रहे कि आर्थिक कमजोरी समाज व राष्ट्र में तमाम विसंगतियां पैदा करने के साथ ही असमानता, भेदभाव जैसी कुरीतियों की जड़ में है। यही वजह रही कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय अर्थात समाज के सबसे गरीब व्यक्ति का उत्थान के मंत्र को उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बना लिया है। समाज के गरीब, दलित, पिछड़े, महिलाओं व युवाओं को आर्थिक स्वावलंबी बनाने के लिए मोदी सरकार ने जनधन खाता खुलवाने के साथ मुद्रा योजना शुरू की। मुद्रा योजना के तहत बिना गारंटी के ऋण स्वीकृत कर 7 करोड़ 79 लाख 95 हजार 996 से ज्यादा लोगों को रोजगार दिए और इससे जुड़े स्वरोजगार से इससे कई गुना ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया कराए। किसानों की आय दोगुनी करने के लिए तमाम योजनाएं शुरू कर और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागूकर प्रधानमंत्री ने देश को गरीबी के दुष्चक्र से मुक्त कराने का वह बीड़ा उठाया है, जो आने वाले समय में भारत को आर्थिक समृद्धि की राह पर स्थापित करने के साथ गांव-गरीब को आर्थिक ताकत देगा और कृषि प्रधान इस देश की संस्कृति के क्षरण को रोककर भारत की आत्मा को पुनर्प्रतिष्ठित करने की दिशा में आशातीत परिणाम देगा।

पिछले तीन सालों में एक भी दिन छुट्टी न लेने और दिन में 18 घंटे वह काम करने वाले प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर के हिस्से में सर्जिकल स्ट्राइक कराई तो भारतीय सेना के इस पराक्रम से पूरी दुनिया अचरज में आ गई। अंतराष्ट्रीय कूटनीति और विदेश नीति को नई दिशा देकर एक ओर पाकिस्तान को अलग-थलग किया और दूसरी ओर भारत की प्रतिष्ठा विश्व में पुनः स्थापित की। आज पाकिस्तान पर अमेरिका से लेकर कई देशों ने दबाव बनाया है कि वह आतंकवाद को प्रशय देना बंद करे। जो चीन पिछली सरकारों के समय भारत को हर वक्त आंख दिखाता था, मोदी सरकार आने के बाद वह बैकफुट पर है। कई दशकों बाद मोदी सरकार के नेतृत्व में भारत ने लेह के आगे अपने 100 टैंक भेजे और युद्धाभ्यास किया और चीन की सीमा से सटे अरुणाचल प्रदेश के विकास और सीमा पर सडक निर्माण कार्य को तेजी से आगे बढ़ाया।

मन की बात में जब किसी गांव या छोटे शहर की किसी बेटी की उपलब्धि को प्रधानमंत्री रेडियो के माध्यम से पूरे देश को सुनाते हैं तो लोग सोचते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी उनकी आवाज हैं, और जनता का यह विश्वास राजनीति की घट रही विश्वसनीयता की पुनर्स्थापना की दिशा में ठोस प्रयास है। जो देश कभी भ्रष्टाचार के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में आता रहा हो, वही देश तीन साल की अवधि में भ्रष्टाचार के खिलाफ खुली जंग छेडने वाले मजबूत देश की श्रेणी में शुमार हो गया। प्रधानमंत्री मोदी ने सत्ता में आते ही सभी सरकारी भुगतान ऑनलाइन करने के निर्णय के साथ टेंडरिंग को पूरी तरह ऑनलाइन करने का आदेश दिया। पिछले तीन साल में अभी तक सरकार पर भ्रष्टाचार का एक भी आरोप नहीं लगा है, जबकि पिछली सरकार में मंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक पर भारी भ्रष्टाचार के दाग लगते रहे हैं। भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक लड़ाई में मोदी सरकार ने गत 8 नवंबर को 500 और 1000 के नोट को बंद करने का ऐलान किया तो भ्रष्टाचारियों और भ्रष्टाचार के संरक्षकों में हडकंप मच गया, लेकिन देश की जनता प्रधानमंत्री के साथ खड़ी रही। देश को नोटबंदी से पांच लाख करोड़ रुपए का फायदा हुआ। देश की आर्थिक व्यवस्था निरंतर मजबूती के कीर्तिमान गढ़ रही है। इतना ही नहीं, आने वाले दो वर्षों में कुल निजी राजस्व दोगुना होने का अनुमान है। प्रधानमंत्री ने कहा भी है कि कालाधन के खिलाफ अभियान में प्राप्त धन गरीबों के पास जाएगा।

प्रधानमंत्री ने मेक इन इंडिया, डिजिटल इंडिया के साथ न्यू इंडिया की संकल्पना की है और इसके लिए कैशलेस भारत की बात कही है। वह चाहते हैं कि देश में नकदी का चलन न्यूनतम हो और यह सबसे बड़ा माध्यम है। बेनामी संपत्ति कानून बनाकर कालाधन के खिलाफ प्रधानमंत्री मोदी की लड़ाई और मजबूत की। लोगों ने माना कि पीएम भ्रष्टाचार के खिलाफ मजबूत किलेबंदी की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। मेरा देश बदल रहा है, यह जनता महसूस कर रही है। इस बदलाव में जनता मोदी के साथ खड़ी है। हालांकि कई राज्यों की गैर भाजपा सरकारों ने प्रदेश की जनता तक वह लाभ नहीं पहुंचने देने का कुचक्र रचा। उत्तरप्रदेश भी उन्हीं राज्यों में से एक था। राज्य में भाजपा की सरकार बने सवा दो माह ही हुए हैं, लेकिन प्रदेश की जनता तक मोदी सरकार की योजनाएं दु्रत गति से पहुंचने लगी हैं और लोग इससे लाभान्वित हो रहे हैं। देश के हर परिवार को अपना मकान देने की मोदी सरकार की योजना दुनिया में अनुसंधान का विषय बनेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने जब गत 20 नवंबर, 2015 को इस योजना की शुरुआत की और कहा कि 2022 तक देश के हर व्यक्ति को मकान देने के लिए एक करोड़ मकान बनाए जाएंगे तो पूरी दुनिया अचंभे में पड़ गई। लेकिन मोदी सरकार उस पर आगे बढ़ी और देशभर में गरीबों को मकान दिए जाने के लिए सर्वे कार्य जारी है। जिस उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार ने केंद्र के बार-बार कहने के बावजूद यह तक नहीं बताया कि प्रदेश में कितने लोगों को मकान की जरूरत है, वही प्रदेश भाजपा सरकार आने के कुछ हफ्तों में ही इस योजना के तहत छह लाख मकान बनवाने की प्रक्रिया तेज कर दी।
इतनी उपलब्धियों के बावजूद विपक्ष का सवाल उठाना लाजिमी है। दरअसल, अब तक वोटबैंक की राजनीति के कारण जनता को हाशिये पर रखने वाले विपक्षी दल परेशान इस बात से हैं कि मोदी के सबका साथ, सबका विकास के नारे से जनता का राजनीति में जाग उठा भरोसा उनके कारनामों का जवाब देगी और ऐसे दलों को राजनैतिक परिदृश्य से बाहर कर देगी। विपक्ष का यह डर प्रधानमंत्री मोदी के तीन साल की असाधारण उपलब्धियों पर आंख मूंदकर जनता को गुमराह करने की कोशिश में झलकता है। मगर अब यह चलने वाला नहीं है, मेरा देश बदल रहा है और न्यू इंडिया बनाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी के साथ पूरे देश की जनता कदमताल मिलाने को तैयार है।

(लेखक: भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी हैं)