सचिन: ए बिलियन ड्रीम्स : एक बेहतरीन फिल्म

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इस फिल्म की कहानी महाराष्ट्र के मराठी उपन्यासकार रमेश तेंडुलकर के घर जन्मे सचिन (सचिन तेंडुलकर) की है। जिसमें विश्व स्तर के महानतम क्रिकेट खिलाड़ी सचिन की पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ को दर्शाने का प्रयास किया गया है, जिससे शायद दर्शक कम अवगत हों. सचिन तेंदुलकर के साथ-साथ उनकी पत्नी अंजली, बेटा अर्जुन और बेटी सारा भी इस फिल्म का हिस्सा हैं, जिन्हें बहुत ही कम बातचीत करते हुए देखा गया है. फिल्म में सचिन के सपनों को दर्शाया गया है. साथ ही क्रिकेट के अलग-अलग फेज में स्ट्रगल भी दिखाई गई है. बचपन में लोगों को टायर पंक्चर कर देने वाला नटखट लड़का किस तरह से अपनी बहन सविता के द्वारा क्रिकेट का बैट पाकर बेहद खुश होता है और फिर भाई अजित के साथ आचरेकर गुरू के सानिध्य में क्रिकेट की ट्रेनिंग लेता है, यह सभी बातें बखूबी दर्शाई गई हैं. ट्रेनिंग के दौरान सिक्के की कहानी, कांबली के साथ सबसे बड़ी पार्टनरशिप, फिर बड़े होने पर पाकिस्तान में चोटिल होने के बावजूद ताबड़तोड़ रन बनाना सब कुछ अच्छे से दिखाया गया है. सचिन और अंजली की प्रेम कहानी भी फिल्म में बतायी गई है, जिसे कुछ वीडियोज के साथ भी दर्शाया गया है. किस तरह से हर कदम सचिन के लिए अंजली ने कई बलिदान दिए. वहीं सचिन जब भी वक्त मिलता था, वो परिवार को समय देते थे और अंजली से कहते थे कि मैं बस डायपर नहीं बदलूंगा. फिल्म में कई दिलचस्प क्रिकेट के पल भी आते हैं, जैसे वेंकटेश प्रसाद और आमिर सोहेल का किस्सा, सचिन और शेन वार्न की टक्कर, डैड की डेथ के बाद दोबारा वर्ल्ड कप टीम ज्वाइन करना, शारजाह कप, सौरव गांगुली का हवा में टी शर्ट घुमाना, 2003 में फिक्सिंग कॉन्ट्रोवर्सी के बाद द्रविड़ और लक्ष्मण के बीच बड़ी साझेदारी की बदौलत आस्ट्रेलिया को हराना और साथ ही 2011 का वर्ल्ड कप जीतना आदि. ये मोमेंट एक क्रिकेट प्रेमी के लिए बहुत बड़े पल हैं. फिल्म में सचिन के बचपन से लेकर आज तक के कई वीडियो टेप्स भी हैं, जो देखने और सुनने में बड़े दिलचस्प लगते हैं.

फिल्म का डायरेक्शन कमाल का है और साथ ही अलग अलग सीन को दर्शाने के लिए नाट्य रूपांतरण के साथ साथ रियल लोगों को बड़े ही सटीक अंदाज में फिट किया गया है, जो आपको बांधे रखता है। फिल्म की कहानी तो आपको विकिपीडिया में 60 प्रतिशत मिल ही जाती है, लेकिन स्क्रीनप्ले के साथ साथ बताने का ढंग भी दिलचस्प है। सचिन को अपने क्रिकेट के मैदान या अलग-अलग सभाओं में देखा होगा, लेकिन वास्तविकता क्या है, इसे बखूबी दर्शाने की कोशिश की गई है। फिल्म में बहुत सारे अनदेखे वीडियोज भी देखने को मिलते हैं। फिल्म का संगीत और बैकग्राउंड स्कोर बढ़िया है और समय समय पर बहुत ही मोटिवेट करता नजर आता है। अगर आप क्रिकेट के दीवाने हैं और मास्टर ब्लास्टर सचिन के जीवन की कहानी को जानने की इच्छा रखते हैं तो जरूर ये फिल्म देख सकते हैं।

 

~ मुन्ना डी. यादव