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जन संसद, जंगे आजादी और चम्बल

2 months ago बी. के. पाण्डेय 0
1857 में जब सारा देश ब्रितानिया हुकूमत के अत्याचारों से सुलग उठा था, तब 25 मई 1857 को इसी ‘पचनद घाट’ पर चम्बल के तमाम क्रन्तिकारी इकट्ठा हुए थे और यहीं से उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य को नेस्तनाबूंद करने की कसमें खाईं और कूद पड़े थे 1857 के महासमर में …   प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) Read More

पूरी दुनिया के प्रेरणास्रोत हैं राहुल जी

3 months ago Editor 0
~ अखिलेश मिश्र ‘गुड्डू‘ राहुल जी के जयन्ती एवं जनहित इंडिया की वर्षगांठ के अवसर पर सायंकाल लगभग 7 बजे से विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों को विद्यालय के वार्षिकोत्सव के रूप में प्रस्तुत किया गया. जिससे विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने अपने नृत्य, संगीत एवं विविध हास्य व्यंग प्रहसनों द्वारा क्षेत्रीय ग्रामीण जनता को मंत्रमुग्ध किया. विशेष Read More

मातृ-भाषा के हिमायती थे राहुल सांकृत्यायन

3 months ago Editor 0
~ एम.एस. पाण्डेय महान यायावर एवं विश्वविख्यात विद्वान महापंडित राहुल सांकृत्यायन (पद्म विभूषण) की 124वीं जयन्ती और राष्ट्रीय मासिक ‘जनहित इंडिया’ के सफल प्रकाशन के 4 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर 9 अप्रैल को अपराह्न 1 बजे ‘राहुल जी के मातृभाषा सम्बन्धी विचार’ विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन महापंडित राहुल सांकृत्यायन बालिका उच्चतर Read More

‘अंकुर’ के निर्देशन में सूत्रधार की शानदार प्रस्तुति हंसा जाई अकेला और कहानी के लिए स्त्रर पात्र चाहिए

3 months ago Editor 0
~ राजेश्वरी ‘रोली’ आजमगढ़ में शारदा सिनेमा हाल में ‘मार्कण्डेय जी’ की कहानियों पर ‘सूत्रधार’, नाट्य प्रस्तुति का बेहतरीन आयोजन किया। परिकल्पना और निर्देशन कहानियों की नाट्य प्रस्तुति के लिए विख्यात रंग निर्देशक, देवेन्द्र राज अंकुर ने किया। उन्होंने ‘मार्कण्डेय जी’ की दो बहुचर्चित कहानी- ‘हंसा जाई अकेला’ तथा ‘कहानी के लिए स्त्री पात्र चाहिए’ Read More

अलविदा अमर. जिन्दगी तो बेवफा है एक दिन ….

3 months ago बी. के. पाण्डेय 0
भारतीय सिनेमा के सबसे करिश्माई और आकर्षक अभिनेताओं में शामिल रहे विनोद खन्ना के निधन पर उन्हें रजनीकांत, ऋषी कपूर, लता मंगेशकर, अक्षय कुमार और संजय दत्त जैसी हस्तियों ने श्रद्धांजलि दी। खन्ना का 27 अप्रैल सुबह 11ः20 बजे यहां सर एच एन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में निधन हो गया। वह ब्लैडर कैंसर से जूझ Read More

सोशल मीडिया से सावधान!

3 months ago Editor 0
भारतवासियों को खासतौर पर बड़ी गंभीरता से सोशल मीडिया के विषय पर यह सोचने की जरूरत है कि हम इस माध्यम पर कितना विश्वास करें और कितना न करें? इस माध्यम में केवल दंगा-फसाद व अराजकता फैलाने की ही नहीं बल्कि इसमें गृहयु( छिड़वा देने तक की क्षमता है। इसलिए हमें सोशल मीडिया के ऐसे Read More

तीन कुर्ते और एक साइकिल वाला प्रोफेसर

3 months ago Editor 0
आलोक सागर कभी आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के प्रोफेसर भी रह चुके हैं और अब हैं मध्यप्रदेश के दूरदराज आदिवासी गांवों के हिरो। आलोक की सादगी उनके जीवन को सचमुच प्रेरणादायक बनाती है। आलोक के पास सिर्फ तीन कुर्ते और एक साइकिल है। ~ प्रकाश भूषण सिंह आसान नहीं होता है, सारे ऐशो Read More

ग्लोबल वार्मिग के दुष्प्रभाव

3 months ago Editor 0
धरती का तापमान जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, वह इस सदी के अंत तक प्रलय के नजारे दिखा सकता है। नए शोधों के अनुसार समुद्र का जल-स्तर एक मीटर तक बढ़ सकता है। इससे कई देश और भारत के तटीय नगर डूब जाएंगे… ~ निरंकार सिंह मौसम का पारा जिस तरह ऊपर चढ़ रहा Read More

समाजवादियों ने माना अद्वितीय हैं योगी

3 months ago एम सांकृत्यायन 0
उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद अपनी पार्टी और सरकार के कार्यक्रमों के अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहली बार अपनी राष्ट्रवादी विचारधारा से अलग किसी दूसरी विचारधारा (समाजवादी) और समाजवादी पार्टी के एमएलसी यशवन्त सिंह के पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में सम्मिलित हुए थे. जिसका आयोजन श्री चन्द्रशेखर जी स्मारक ट्रस्ट Read More

शाश्वत वैचारिक क्रांति के प्रतीक थे ‘चन्द्रशेखर’

3 months ago Editor 0
~ शत्रुघ्न चौबे ‘चंचल’ देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री राष्ट्रपुरूष चन्द्रशेखर जी की 91वीं जयन्ती के अवसर पर 17 अप्रैल को उत्तर प्रदेश विधानसभा के सेण्ट्रल हॉल में ‘राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर, संसद में दो टूक’ पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम आयोजित हुआ. जिसमें सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में कहा Read More