विशेष

जन संसद, जंगे आजादी और चम्बल

2 months ago बी. के. पाण्डेय 0
1857 में जब सारा देश ब्रितानिया हुकूमत के अत्याचारों से सुलग उठा था, तब 25 मई 1857 को इसी ‘पचनद घाट’ पर चम्बल के तमाम क्रन्तिकारी इकट्ठा हुए थे और यहीं से उन्होंने ब्रिटिश साम्राज्य को नेस्तनाबूंद करने की कसमें खाईं और कूद पड़े थे 1857 के महासमर में …   प्रथम स्वतंत्रता संग्राम (1857) Read More

सोशल मीडिया से सावधान!

3 months ago Editor 0
भारतवासियों को खासतौर पर बड़ी गंभीरता से सोशल मीडिया के विषय पर यह सोचने की जरूरत है कि हम इस माध्यम पर कितना विश्वास करें और कितना न करें? इस माध्यम में केवल दंगा-फसाद व अराजकता फैलाने की ही नहीं बल्कि इसमें गृहयु( छिड़वा देने तक की क्षमता है। इसलिए हमें सोशल मीडिया के ऐसे Read More

तीन कुर्ते और एक साइकिल वाला प्रोफेसर

3 months ago Editor 0
आलोक सागर कभी आरबीआई के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन के प्रोफेसर भी रह चुके हैं और अब हैं मध्यप्रदेश के दूरदराज आदिवासी गांवों के हिरो। आलोक की सादगी उनके जीवन को सचमुच प्रेरणादायक बनाती है। आलोक के पास सिर्फ तीन कुर्ते और एक साइकिल है। ~ प्रकाश भूषण सिंह आसान नहीं होता है, सारे ऐशो Read More

ग्लोबल वार्मिग के दुष्प्रभाव

3 months ago Editor 0
धरती का तापमान जिस रफ्तार से बढ़ रहा है, वह इस सदी के अंत तक प्रलय के नजारे दिखा सकता है। नए शोधों के अनुसार समुद्र का जल-स्तर एक मीटर तक बढ़ सकता है। इससे कई देश और भारत के तटीय नगर डूब जाएंगे… ~ निरंकार सिंह मौसम का पारा जिस तरह ऊपर चढ़ रहा Read More

शाश्वत वैचारिक क्रांति के प्रतीक थे ‘चन्द्रशेखर’

3 months ago Editor 0
~ शत्रुघ्न चौबे ‘चंचल’ देश के प्रथम समाजवादी प्रधानमंत्री राष्ट्रपुरूष चन्द्रशेखर जी की 91वीं जयन्ती के अवसर पर 17 अप्रैल को उत्तर प्रदेश विधानसभा के सेण्ट्रल हॉल में ‘राष्ट्रपुरुष चन्द्रशेखर, संसद में दो टूक’ पुस्तक का विमोचन कार्यक्रम आयोजित हुआ. जिसमें सूबे के मुखिया मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में कहा Read More

लाल बत्ती तो गई पर लाल सिस्टम कब जायेगा?

3 months ago Editor 0
भारत राष्ट्र-राज्य में सड़के कभी लालबत्ती मुक्त नहीं हो सकती। सड़क पर मंत्री-संतरी नए तरीके से सत्ता खनकाएंगे। सो मोदीजी, देश यदि बदलना है तो उस सिस्टम को बदलिए जो माईबाप है। उसकी लाल स्याही, कलम को खत्म कीजिए तभी सच्चा जनतंत्र खिलेगा! ~ हरि शंकर व्यास एक मई से देश में लाल बत्ती नहीं Read More

सोशल मीडिया और सुलगता कश्मीर

3 months ago Editor 0
फेसबुक और वाट्सएप इस समय कश्मीर में सक्रिय आतंकियों, राष्ट्रविरोधी तत्वों और उनके हैंडलरों के लिए हालात खराब करने का सबसे कारगर हथियार हैं। इनके जरिये वह अफवाहों को भी सच बनाकर पेश कर रहे हैं। आतंकियों व अलगाववादियों ने कई जगह लोगों को सुरक्षा बलों के खिलाफ इनके माध्यम से सूचित कर जमा किया Read More

नक्सलियों को करना होगा नेस्तनाबूद

3 months ago Editor 0
आज बस्तर की फिजां में महुए की खुशबू की जगह खून और बारूद की गंध ने ले ली है। बस्तर के कथित माओवादी जनवादी प्रकृति के सिधान्त्कारों को इंसानी खून का चस्का लग गया है। वे किशोर उम्र के युवक-युवतियों को हिंसक खतरनाक खेल खेलने के लिए अपने गिरोह में शामिल कर अपनी ढाल बनाते Read More

वेल्थ के हवाले हेल्थ

3 months ago Editor 0
नवउदारवादी नीतियों के लागू होने के बाद तो सरकारें जनस्वास्थ्य के क्षेत्र को पूरी तरह से निजी हाथों में सौपने के रोडमैप पर चल पड़ी हैं. आज हमारे देश की स्वास्थ्य सेवाएं काफी खर्चीली और आम आदमी की पहुँच से काफी दूर हो गयी हैं. प्राइवेट अस्पतालों को अंतिम विकल्प बना दिया गया है, जहाँ Read More

सस्ती औषधि की सौगात

3 months ago Editor 0
बेहद महंगी दरों पर मिलने वाली ब्रांडेड दवाएं मरीजों और उनके तीमारदारों की जेब पर इतनी भारी पड़ती हैं कि अधिकांश तो पर्याप्त मात्रा में दवाएं खरीद भी नहीं पाते। जेनेरिक दवाओं को लेकर प्रधानमंत्री की यह घोषणा राहत देने वाली है और यदि सब अच्छी नीयत और दृढ़ इच्छाशक्ति से हुआ तो मरीजों के Read More