कथा-कहानी

अतीत

3 years ago Madanji 0
सुधीर मौर्य माँ ने उसे सहारा दे कर कार की पिछली सीट पर बैठा दिया और खुद उसके बगल में बैठ गयी। मुझे गाड़ी चलाने की हिदायत देकर, माँ उसे अपनी बोटल से पानी पिलाने लगी। न जाने क्यूँ आज मुझे माँ की इस बात का विरोध करने का मन कर रहा था। पर मैंने Read More

सुबह की कालिमा

4 years ago सुधीर मौर्य 0
अंकिता आज थोड़ा उलझन में है। वो जल्द से जल्द अपने रूम पर     पहुँच जाना चाहती है। न जाने क्यूँ उसे लग रहा है, ऑटो काफी     धीमे चल रहा है। वो ऑटो ड्राइवर को तेज चलाने के लिए बोलना चाहती है, पर कुछ सोच कर चुप रह जाती है। आज उसे निर्णय लेना Read More

शतैनी

4 years ago वीरेन्द्र कुमार दूबे 0
जब लू चलती तो खड़ी दुपहरिया में शतैनी के भूत-प्रेत इस बन्हवा के बगीचे में नृत्य करने पहुँच जाते. बड़े-बूढ़े बताते कि कभी भी खड़ी दुपहरी में बन्हवा के बगीचे में नहीं जाना चाहिए नहीं तो भूत हमला बोल देते हैं. अतः लोग डर के मारे दोपहर एवं रात्रि में उधर नहीं जाते. यदि जाते Read More

पाप की पराजय

4 years ago जयशंकर प्रसाद 0
घनश्याम ने सिर उठा कर देखा तो ज्योतिर्मयी दिव्य मूर्ति रमणी सुलभ पवित्रता का ज्वलन्त प्रमाण, केवल यौवन से ही नहीं, बल्कि कला की दृष्टि से भी, दृष्टिगत हुई। किन्तु आत्म-गौरव का दुर्ग किसी की सहज पाप-वासना को वहाँ फटकने नहीं देता था। शिकारी घनश्याम लज्जित तो हुआ ही, पर वह भयभीत भी था। पुण्य-प्रतिमा के सामने पाप की पराजय हुई।