उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार 15 अगस्त को विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत 21,000 कुशल श्रमिकों को टूलकिट और पुरस्कार देकर सम्मानित करेगी। मुख्यमंत्री स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य में लखनऊ में एक कार्यक्रम के दौरान उनमें से कुछ के साथ बातचीत भी करेंगे।

इस योजना की शुरुआत 26 दिसंबर 2018 में क्र दी गई थी योगी सरकार की इस योजना का उद्देश्य कर्मचारियों की प्रतिभा को coaching द्वारा सम्मानित करना और उनकी productivity बढ़ाने के लिए उन्हें बेहतर toolkit प्रदान करना था। इस कार्यक्रम के तहत लाभार्थियों में नाई, धोबी, दर्जी, मोची, लोहार, सुनार, कुम्हार, टोकरी बुनकर आदि शामिल हैं। इस योजना का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा उठाया जाएगा।
राज्य के जो इच्छुक लाभार्थी इस योजना के अंतर्गत आवेदन करना चाहते है तो योजना की official website पर जाकर onlineआवेदन कर योजना का लाभ उठा सकते है। इस योजना के तहत प्रतिवर्ष 15 हजार से ज्यादा लोगों को काम-काज मिलेगा। इस योजना के तहत मजदूरों को प्रदान की जाने वाली धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक अकाउंट में पहुंचे जाएगी। इसलिए आवेदक का बैंक अकाउंट होना चाहिए और बैंक अकाउंट आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।

मुख्य सचिव (MSME) नवनीत सहगल ने कहा कि इस योजना को केंद्र और राज्य सरकार के अन्य कार्यक्रमों से जोड़ा गया है। उदाहरण के लिए, श्रमिकों को न केवल किट बल्कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना या मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत उदार शर्तों पर ऋण में प्रवेश भी दिया जाता है।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि राज्य के विकास में कर्मचारी अहम भूमिका निभाते हैं और इसी वजह से कर्मचारियों के हित को उच्च प्राथमिकता देनी चाहिए ।
मजदूरों के बच्चों के लिए राज्य के हर सर्कल में अटल आवासीय कॉलेज बनाए जा रहे हैं।

