कवि-लेखक समय के प्रतिध्वनि तथा भविष्य के मार्गदर्शक : डॉ सुशील सिन्हा प्रयागराज। सद्भावना मंच प्रयागराज द्वारा नीमसंराय काॅलोनी, मुंडेरा स्थित राजगार्डन में “शब्द-साधना सम्मान-समारोह एवं सद्भावना-कविसम्मेलन” का आयोजन न्यायमूर्ति…
Category: Literature
तमसा माता की आरती -सुभाष चन्द्र तिवारी ‘कुन्दन ‘
तमसा माता की आरती जय तमसा जय तमसा, जय तमसा माता। आदिकाल से महिमा , धर्म ग्रंथ गाता।। मांडव ऋषि आश्रम जहँ, उद्गम तट प्यारा। अवध राज्य से निकली, अति…
प्रथम पूज्य गणेश
प्रथम पूज्य गणेश हे गणपति हे सिद्धि विनायक, हे बुद्धि के विधाता, तुम हो विघ्न विनाशक जग में, तुम्हीं सुखों के दाता। बड़े बड़े कानों से तुम फरियादें सबकी सुनते,…
महापंडित राहुल सांकृत्यायन के नाम से महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय में शोधपीठ का गठन
प्रो. हसीन खान ,समन्वयक राहुल सांकृत्यायन शोधपीठ प्रो. हसीन खान को शोधपीठ का समन्वयक बनने पर शिक्षाविदों ने दी बधाई। आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय आजमगढ़ के कुलपति प्रो. संजीव कुमार…
है अनमोल धरोहर हिन्दी
है अनमोल धरोहर हिन्दी। गर्व राष्ट्र को तुझपर हिन्दी। बनी राजभाषा भारत की, मधुमय सरल मनोहर हिन्दी। तुझमें जन मन रमता हिन्दी, लगती मां की ममता हिन्दी। जोड़ रही भारतवासी…
आधुनिक भारत के वास्तुकार थे…पंडित जवाहर लाल नेहरू
जब आप ‘भारतमाता’ की जय कहते हैं- तो याद रखिए कि भारत क्या है, और भारत के लोग निहायत बुरी हालत में हैं- चाहे वे किसान हों, मज़दूर हों,…
बौद्धिक वर्ग की निरंतर सिकुड़ती राजनीतिक और सामाजिक भूमिका
विश्व में होने वाली विविध क्रांतिओं और समय-समय पर होने वाले सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन और सामाजिक सुधारों की सफलता में उस समाज के बौद्धिक वर्ग की अग्रणी भूमिका रही…
पीड़ा जो आज मिली है, आलिंगन उसका कर लो- डॉ0 गीता सिंह
आजमगढ़ की साहित्यिक विरासत को आगे बढ़ाते हुये डॉ0 गीता सिंह अध्यक्ष स्नातकोत्तर हिन्दी विभाग डी.ए.वी.पी.जी.कॉलेज, आजमगढ़ की अध्यक्षता में इलाहाबाद विश्वविद्यालय प्रयागराज के हिन्दी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर ग़ज़लकार,गीतकार…
आज़मगढ़ के साहित्यकारों ने हिन्दी साहित्य की इस अनमोल धरोहर को विस्मृत कर दिया
हिन्दी साहित्य की अनमोल धरोहर है अयोध्या सिंह उपाध्याय “हरिऔथ ” को आज़मगढ़ के साहित्यकारों, बुद्धिजीवियों द्वारा विस्मृत कर दिया जाना अत्यन्त खेद का विषय है। शायद ही उनकी जयन्ती…
अखबारों से व्यंग्य विधा की विदा
दैनिक हिन्दुस्तान के पाठक देखते रह गए और सम्पादकीय पृष्ठ के ‘नश्तर’ स्तम्भ पर सम्पादक जी का नश्तर चल गया. व्यंग्य रचनाओं से सजा हुआ नश्तर स्तम्भ हिन्दुस्तान के सम्पादकीय…
