देवरिया। आकांक्षात्मक विकासखंडों की प्रगति की समीक्षा बैठक में लापरवाही और जानकारी के अभाव पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने कड़ा रुख अपनाया है। कार्यों के प्रति उदासीनता बरतने पर मंडी सचिव और डिप्टी आरएमओ का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, विद्यालयों में बच्चों की कम उपस्थिति और लापरवाही पाए जाने पर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) भटनी का स्पष्टीकरण तलब किया गया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने गौरी बाजार, लार, बरहज, बनकटा एवं भागलपुर विकासखंडों की बिंदुवार समीक्षा की। उन्होंने दो टूक कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिन संकेतकों में प्रगति कम है, वहां विशेष कार्ययोजना बनाकर समयबद्ध सुधार लाया जाए।
नियमित उपस्थिति के लिए अभिभावकों से करें संपर्क
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों और प्राथमिक विद्यालयों में छात्र उपस्थिति बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि शिक्षक और आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां अभिभावकों से निरंतर संपर्क स्थापित कर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित करें। क्षेत्र स्तर पर इसका लगातार अनुश्रवण भी होना चाहिए।
स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े संकेतकों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं व बच्चों के स्वास्थ्य, शत-प्रतिशत टीकाकरण, संस्थागत प्रसव और कुपोषण मुक्ति के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि कोई भी पात्र लाभार्थी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आकांक्षात्मक विकासखंडों का नियमित क्षेत्रीय भ्रमण करें, ताकि धरातल पर योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन का सत्यापन हो सके। बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह, जिला विकास अधिकारी समेत अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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