देवरिया। नगर निकायों में विकास कार्यों की कछुआ चाल और लापरवाही पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने विकास कार्यों, नामांतरण, आईजीआरएस और टेंडर प्रक्रिया में शिथिलता मिलने पर भारी नाराजगी जताई। उन्होंने लापरवाही बरतने के आरोप में रुद्रपुर, सलेमपुर, गौरी बाजार और भटनी के अधिशासी अधिकारियों को तत्काल प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश जारी किए हैं।
जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में सभी अधिशासी अधिकारियों को चेतावनी दी है कि यदि उनके कार्य व्यवहार और विकास योजनाओं की प्रगति में तत्काल सुधार नहीं आया, तो पूरे महीने का वेतन रोकने की विधिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और ठेकेदारों पर कार्रवाई के निर्देश
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नामांतरण से जुड़े सभी मामले नियमों और प्रावधानों के अनुरूप तय समय सीमा के भीतर निपटाए जाएं। ई-निविदा प्रणाली में पूरी पारदर्शिता बरती जाए, जिसमें टेंडर खोलने की तारीख से लेकर कार्य समाप्ति की तिथि और भुगतान की स्थिति का स्पष्ट उल्लेख अनिवार्य रूप से होना चाहिए। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर देते हुए डीएम ने कहा कि जो भी ठेकेदार काम में शिथिलता बरत रहे हैं या तय वक्त पर काम पूरा नहीं कर रहे हैं, उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाए।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में मुख्य रूप से अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह, नगर पालिका परिषद देवरिया के अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी, बरहज की ईओ निरुपमा राय सहित जनपद के सभी नगर निकायों के अधिशासी अधिकारी और निर्माण इकाइयों से जुड़े अभियंता उपस्थित रहे।
