पुलिसिया कारनामे से एक विश्वकर्मा परिवार की रातों कि नींद हराम

0Shares

मुबारकपुर (आजमगढ़)। मुख्यमंत्री योगी जी के पुलिसिया कारनामे से एक विश्वकर्मा परिवार की रातों कि नींद हराम है।तो वहीं सरकार को बदनाम करने के लिए थानाध्यक्ष शशि चन्द्र चौधरी ने ठान ली है मुबारकपुर थाने कि कमान संभाली है तबसे अपराधियों, छिनैती करने वालों,खनन माफिया,कि बल्ले बल्ले हो गई है।अगर जनता को इन्साफ चाहिए तो फुटेज के साथ ही ठोस सबूत देने होंगे थानाध्यक्ष को।
खबर है कि गत दिनों मुबारकपुर के दो नाबालिग बालकों के लापता होने कि गुत्थी अभी सुलझी नहीं कि सरकारी अस्पताल के पास एक अध्यापिका से दिनदहाड़े छिनैती का सप्ताहों बीतने के बाद खुलासा करने में स्थानीय थाने कि पुलिस नाकाम रही।
तों वह ही दुसरी तरफ 28.09.26 को एक अपहरण, छिनैती, पास्को दुराचारी अभियुक्त ने अन्शु शर्मा पुत्र विनोद शर्मा को पीछा करते हुए गोली दाग दी अभियुक्त और बालक के वाहन गतिमान होने के कारण बालक बाल बाल बचा लेकिन थानाध्यक्ष शशि चन्द्र चौधरी किस तन्त्र के शिकार हो गए कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद ही कार्रवाई का आश्वासन देकर अपने कार्यों कि इति श्री कर दी जिससे शर्मा परिवार कि रातों कि निंद्रा हराम हुए हैं। पीड़ित विनोद शर्मा ने बताया कि बालक का बालक का 15.05.25 अपहरण कर फिरौती मांगी गई न देने पर बच्चे कि हत्या करने कि बात कही मुख्य अभियुक्तों ने फिरौती न पाने कि दशा में नाबालिग के साथ जघन्य कृत्य किया गया जिसमें तत्कालीन क्षेत्राधिकारी आस्था जायसवाल ने अभियुक्तों से लाखों लेकर गंभीर धाराओं को हटा दिया।जिसकी जांच अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक वाराणसी अधिकारियों पर जांच और अग्रिम विवेचना जौनपुर पुलिस से करायें जाने पर अपने को फंसता देख हेमंत यादव उर्फ अक्कू पुत्र राजा राम निवास कुदारन तिवारी ने बालक पर लक्ष्य बनाकर गोली दाग दी लेकिन सप्ताहों बिताने के बाद भी आज तक न तों फुटेज लिए और ना ही अभियुक्तों को के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया।
इस संबंध में थानाध्यक्ष शशि चन्द्र चौधरी का कहना है कि फुटेज में फायरिंग जैसा अवाज नहीं सुनाई पड़ रही है।और सवालों के प्रश्न पर कन्नी काटते नजर आए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *