देवरिया, । मिशन शक्ति अभियान फेज-6.0 के तहत गुरुवार को देवरिया जनपद के सभी थानों पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम का सजीव प्रसारण किया गया। पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं, महिलाओं और आमजन को साइबर अपराधों से बचाव तथा सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक किया गया। थाना परिसरों में एलईडी स्क्रीन और डिजिटल माध्यमों से लोगों को कार्यक्रम से जोड़ा गया।
उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से आयोजित कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और डिजिटल माध्यमों पर बरती जाने वाली सावधानियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधी लोगों को डराकर और लालच देकर ठगी का शिकार बनाते हैं। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर धमकी देना, फर्जी कॉल करना और संदिग्ध लिंक भेजना ठगी के प्रमुख तरीके हैं। ऐसे में किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए।
कार्यक्रम में पुलिस टीमों ने छात्र-छात्राओं और स्थानीय नागरिकों को बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, पासवर्ड और ओटीपी किसी अनजान व्यक्ति को नहीं बताने की सलाह दी। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने और सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा करते समय सतर्क रहने के लिए प्रेरित किया गया। किसी भी संदिग्ध कॉल, संदेश या ऑनलाइन गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की अपील की गई।
साइबर ठगी होने पर तत्काल करें शिकायत
कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा, आपातकालीन सहायता, बाल सुरक्षा और साइबर अपराध से संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई। महिलाओं की सहायता के लिए 1090 और 181, आपातकालीन पुलिस सहायता के लिए 112, बाल सहायता के लिए 1098 तथा साइबर वित्तीय धोखाधड़ी की शिकायत के लिए 1930 हेल्पलाइन नंबर के बारे में बताया गया। पुलिस ने अपील की कि ऑनलाइन ठगी होने पर बिना देर किए 1930 पर कॉल करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
देवरिया पुलिस ने कहा कि महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वावलंबन सुनिश्चित करने के साथ आमजन को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करने के लिए मिशन शक्ति अभियान के तहत लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
