चला बहू-बेटी अभियान, महिलाओं को अधिकारों और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

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देवरिया, । मिशन शक्ति फेज-6.0 के तहत रविवार को देवरिया जिले में बहू-बेटी अभियान चलाया गया। इसके अंतर्गत सभी थानों की मिशन शक्ति टीमों ने गांवों और कस्बों में चौपाल लगाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, सुरक्षा, स्वावलंबन और सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया। अभियान में विशेष रूप से परित्यक्ता, तलाकशुदा, विधवा, निराश्रित और दहेज उत्पीड़न की शिकार महिलाओं को सशक्त बनाने पर जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देशन में आयोजित अभियान के दौरान महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, साइबर अपराध और समाज में व्याप्त कुरीतियों के बारे में जानकारी दी। साथ ही ऐसी परिस्थितियों में बचाव के उपायों और कानूनी सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया से अवगत कराया।
तरकुलवा, रुद्रपुर, मदनपुर, एकौना, भाटपाररानी, श्रीरामपुर, बरहज, मईल और सुरौली सहित जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में चौपाल और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में महिलाओं एवं बालिकाओं को स्वास्थ्य, स्वच्छता, पोषण तथा आत्मनिर्भरता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दी गई। जरूरतमंद महिलाओं को उपलब्ध सरकारी सहायता और निःशुल्क विधिक परामर्श के बारे में भी बताया गया।
हेल्पलाइन नंबरों की दी जानकारी
मिशन शक्ति टीमों ने महिलाओं और बालिकाओं को आपातकालीन सहायता के लिए डायल-112, महिला हेल्पलाइन-181, वूमेन पावर लाइन-1090, चाइल्ड हेल्पलाइन-1098 और साइबर हेल्पलाइन-1930 सहित अन्य जरूरी हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी। इसके अलावा एंबुलेंस सेवा-108, जननी सुरक्षा हेल्पलाइन-102 और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 के बारे में भी बताया गया।
नए आपराधिक कानूनों के प्रति किया जागरूक
अभियान के दौरान महिलाओं को भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम-2023 के प्रमुख प्रावधानों की जानकारी दी गई। पुलिस टीमों ने पीड़ित केंद्रित न्याय व्यवस्था और कानूनी अधिकारों के बारे में समझाते हुए जागरूकता संबंधी पंपलेट भी वितरित किए।
महिलाओं को निराश्रित महिला पेंशन, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और कन्या सुमंगला योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस का उद्देश्य महिलाओं एवं बालिकाओं को जागरूक कर उन्हें सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाना है।

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