लापरवाही पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तय होगी जवाबदेही
देवरिया । जिले में नवजात मृत्यु दर और कुपोषण पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब सरकारी अस्पतालों में जन्म लेने वाले कम वजन (2500 ग्राम से कम) और बीमार नवजातों की शत-प्रतिशत निगरानी होगी। सूचना मिलते ही स्वास्थ्य एवं आईसीडीएस विभाग की संयुक्त टीम 24 घंटे के भीतर बच्चे के घर पहुंचकर स्वास्थ्य और वजन की जांच करेगी।
जिलाधिकारी ने सीएमओ और जिला कार्यक्रम अधिकारी को छह सूत्रीय निर्देश देते हुए कहा है कि नवजात के जन्म लेते ही अस्पताल की स्टाफ नर्स को उसकी पूरी जानकारी आधिकारिक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा करनी होगी। टीम घर पहुंचकर बच्चे का वजन, स्वास्थ्य परीक्षण और मां को स्तनपान व कंगारू मदर केयर (केएमसी) की जानकारी देगी। सात दिन के भीतर दोबारा गृह भ्रमण कर बच्चे की स्थिति की जांच की जाएगी।
निगरानी के लिए भ्रमण की जीपीएस लोकेशन, फोटो और स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट भी ग्रुप में अपलोड करनी होगी। नोडल अधिकारी प्रत्येक सप्ताह कम से कम एक कम वजन वाले नवजात के घर जाकर निरीक्षण करेंगे।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि ट्रैकिंग में लापरवाही या फर्जी रिपोर्टिंग मिलने पर संबंधित एमओआईसी, सीडीपीओ और कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। सीएमओ डॉ. एसके सिन्हा ने बताया कि इस व्यवस्था से कमजोर नवजातों को समय पर उपचार, पोषण और देखभाल मिलेगी, जिससे नवजात मृत्यु दर में कमी लाने में मदद मिलेगी।
