दादा भैया मंदिर है गाँव की आस्था, श्रद्धा और भावनाओं का केंद्र : अशोक भारद्वाज

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कुण्डली/सोनीपत: कुण्डली के दादा भैया मंदिर सिर्फ ईंट-पत्थरों से बना एक मंदिर नहीं है, बल्कि यह पूरे गाँव की आस्था, श्रद्धा और भावनाओं का केंद्र है। पिछले कई वर्षों से मंदिर की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है और बरसात के दिनों में पानी भर जाने के कारण श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस पवित्र कार्य को लेकर भाजपा जिला अध्यक्ष ने अपने निवास स्थान पर 36 बिरादरी के भाईचारे की एक बैठक का आयोजन किया। सबसे बड़ी खुशी और गर्व की बात यह रही कि एक बुलावे पर गाँव के इतने गणमान्य लोग, भाई और बुजुर्ग एकजुट होकर पहुँचे। सभी की सकारात्मक सोच, आपसी भाईचारे और श्रद्धा ने कुछ ही समय में लाखों रुपये की सहयोग राशि जुटा दी।

बैठक में गाँव के बड़े-बुजुर्गों द्वारा दिए गए अनमोल और सकारात्मक विचार हम सभी के लिए प्रेरणा हैं। सभी ने मिलकर यह संकल्प लिया कि दादा भैया मंदिर का भव्य पुनर्निर्माण सामूहिक सहयोग और बिना किसी राजनीति के किया जाएगा।अशोक भारद्वाज ने गाँव के हर श्रद्धालु से दिल से अपील कि इस नेक कार्य में अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार बढ़-चढ़कर सहयोग करें। यह किसी एक व्यक्ति का नहीं, पूरे गाँव की आस्था का काम है।


जल्द ही आगामी बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें गाँव के अधिक से अधिक गणमान्य व्यक्ति और बुजुर्ग उपस्थित होकर आगे की रूपरेखा तय करेंगे।

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