बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतें

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24 घंटे में बाल कल्याण समिति के समक्ष करें पेश

देवरिया। पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में मंगलवार को विशेष किशोर पुलिस इकाई (एसजेपीयू) की अक्टूबर माह की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बाल संरक्षण से जुड़े मामलों की समीक्षा करते हुए बच्चों की सुरक्षा, अधिकारों, पुनर्वास और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों को बच्चों से संबंधित मामलों में निर्धारित कानूनी प्रावधानों का पालन करने के निर्देश दिए।
बैठक की अध्यक्षता अपर उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय गुप्ता ने की, जबकि संचालन जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने किया। डॉ. संजय गुप्ता ने मेडिकल परीक्षण और आयु निर्धारण में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए संपर्क करने की बात कही। वहीं, जय प्रकाश तिवारी ने किशोर न्याय अधिनियम, बाल श्रम अधिनियम, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम और दहेज प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि बच्चों के घर छोड़ने या पलायन करने के कारणों का पता लगाकर उन्हें और उनके परिवारों को जागरूक किया जाए। पात्र परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ संबंधित गांवों में जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएं। जिन थानों में बच्चों से संबंधित अधिक मामले सामने आ रहे हैं, वहां विशेष रूप से जागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया गया।
बाल कल्याण समिति के सदस्य मंत्री सिंह ने कहा कि बच्चों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रत्येक बच्चे को नियमानुसार समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाए। किसी भी बालिका को थाने में न रखा जाए और सभी मामलों की सूचना समय से समिति को दी जाए। उन्होंने बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने की अपील की।
संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि किसी बच्चे के संबंधित अधिकारी या हितधारक के संपर्क में आने पर यात्रा में लगने वाले समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर उसे बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत करना अनिवार्य है। राजकीय बाल गृह बालक के प्रभारी अधीक्षक रामकृपाल ने वहां बच्चों को दी जाने वाली सुविधाओं और उन्हें आवासित करने की प्रक्रिया की जानकारी दी।
बैठक में श्रम विभाग के सुनील कुमार, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य बृजेश नाथ तिवारी और थाना एएचटीयू के प्रभारी निरीक्षक सुरेश वर्मा ने भी अपने विचार रखे। किशोर न्याय बोर्ड ने थानों में नामित बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने तथा बच्चों से संबंधित मामलों में आवश्यक सहयोग देने पर जोर दिया।
इस दौरान प्रभारी कोऑर्डिनेटर संजीव कुमार यादव, चाइल्ड हेल्पलाइन की काउंसलर अनुराधा राज, सपोर्ट पर्सन विभा पाण्डेय व जागृति ओझा, महिला कल्याण विभाग के अरविंद यादव, उपनिरीक्षक सदन यादव, मुख्य आरक्षी सत्यपाल चौहान, आकाश सिंह कुशवाहा सहित विभिन्न थानों के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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