पत्रकारों ने जताई नाराजगी, प्राथमिकी समाप्त न होने पर आंदोलन की चेतावनी।
अयोध्या। वरिष्ठ पत्रकार एवं मान्यता प्राप्त पत्रकार केके मिश्रा के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को लेकर भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन की बीकापुर इकाई के पत्रकारों में रोष है। सोमवार को आयोजित संगठन की बैठक में पत्रकारों ने प्राथमिकी की निंदा करते हुए इसे पत्रकार का मानसिक उत्पीड़न बताया और मामले में निष्पक्ष जांच कर प्राथमिकी समाप्त किए जाने की मांग की।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि केके मिश्रा लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं और अपनी लेखनी के माध्यम से निरंतर जनसमस्याओं एवं जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं। उनका सरल स्वभाव और मर्यादित व्यवहार पत्रकारिता जगत में उनकी पहचान है। ऐसे में खबरों के तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत कर उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। पत्रकारों ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। जनहित से जुड़े मुद्दों को सामने रखना पत्रकार का दायित्व है। किसी खबर को लेकर आपत्ति होने पर उसका तथ्यात्मक खंडन अथवा विधिक प्रक्रिया अपनाई जा सकती है, लेकिन पत्रकार के खिलाफ कार्रवाई कर दबाव बनाने का प्रयास लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाया जाना चाहिए। पत्रकारों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्राथमिकी समाप्त करने की दिशा में शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेगा और आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
महासंगठन के जिलाध्यक्ष बलराम तिवारी ने कहा कि पत्रकारों के उत्पीड़न को संगठन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केके मिश्रा के मामले में शीघ्र न्यायपूर्ण एवं सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय राष्ट्रीय पत्रकार महासंगठन पत्रकार हितों के लिए आंदोलन करने को बाध्य होगा।
बैठक में तहसील अध्यक्ष पुष्पेंद्र मिश्रा, अरुण मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष अम्बिका मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र पाठक, केके शुक्ला, अजय तिवारी, राहुल दुबे, संदीप मिश्रा सहित दर्जनों पत्रकार मौजूद रहे। सभी ने मामले को दुर्भाग्यपूर्ण एवं निंदनीय बताते हुए वरिष्ठ पत्रकार केके मिश्रा के साथ एकजुटता जताई।
