
मिहींपुरवा/बहराइच। जनपद बहराइच के विकासखंड मिहींपुरवा अंतर्गत ग्राम पंचायत आम्बा में सरकारी राशन की बड़ी कालाबाजारी का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां के कोटेदार जमील अहमद द्वारा गरीबों के हक के लगभग 100 कुंतल चावल, लगभग 70 कुंतल गेहूं और लगभग एक कुंतल चीनी को ब्लैक कर बाजार में बेच दिए जाने का आरोप लगा है, जिसके बाद पूर्ति विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है, प्राप्त जानकारी के अनुसार काफी समय से ग्रामीणों द्वारा शिकायत की जा रही थी कि ग्राम पंचायत आम्बा के कोटेदार द्वारा पात्र गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों को निर्धारित मात्रा में राशन नहीं दिया जा रहा है और समय से दुकान भी नहीं खोली जाती है, साथ ही सरकारी अनाज की कालाबाजारी की जा रही है, इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पूर्ति निरीक्षक मिहींपुरवा कौशलेंद्र कुमार द्वारा आज औचक रूप से कोटे की दुकान का निरीक्षण किया गया और स्टॉक रजिस्टर से भौतिक स्टॉक का मिलान किया गया, मिलान के दौरान दुकान में लगभग 100 कुंतल चावल, 70 कुंतल गेहूं और एक कुंतल चीनी कम पाई गई, जिसका कोई वैध बिल, दस्तावेज या संतोषजनक जवाब कोटेदार प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उक्त राशन को कोटेदार द्वारा अवैध रूप से ब्लैक कर दिया गया है, इस गंभीर अनियमितता को देखते हुए पूर्ति निरीक्षक मिहींपुरवा कौशलेंद्र कुमार द्वारा अपनी जांच आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित की गई और तत्काल प्रभाव से आज दिनांक 21 सितंबर को थाना सुजौली में कोटेदार जमील अहमद के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है, पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है, वहीं दूसरी ओर पूर्ति विभाग ने आरोपी कोटेदार की दुकान को निलंबित करते हुए लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है और ग्रामीणों को राशन की असुविधा न हो इसके लिए गांव के कोटे को अस्थाई रूप से निकट की दूसरी उचित दर की दुकान से संबद्ध कर दिया गया है, इस कार्रवाई के बाद विकासखंड के अन्य कोटेदारों में हड़कंप मचा हुआ है जबकि ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए मांग की है कि इस तरह की जांचें लगातार जारी रहनी चाहिए ताकि गरीबों के हक का राशन उन तक सही तरीके से पहुंच सके।
