बिलरियागंज (आज़मगढ़)। खण्ड विकास बिलरियागंज में विकास के तमाम दावों के बीच बिलरियागंज ब्लॉक क्षेत्र के भलुवाई गांव की राजभर बस्ती आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बस्ती में आने-जाने के लिए बेहतर रास्ते की व्यवस्था नहीं होने से सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चों को उठानी पड़ रही है। बारिश के दिनों में रास्ते की स्थिति और खराब हो जाने से बच्चों को स्कूल आने-जाने में काफी दिक्कत होती है।
ग्रामीणों का कहना है कि बस्ती में सड़क, जलनिकासी सहित अन्य जरूरी सुविधाओं का समुचित विकास नहीं हुआ है। ग्रामीणों को रोजमर्रा के काम के लिए भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों को स्कूल पहुंचने के दौरान रास्ते की बदहाल स्थिति से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे अभिभावकों में भी चिंता बनी रहती है।
चुनाव के समय किए जाते हैं वादे
ग्रामीणों का कहना है कि चुनाव के दौरान जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नेताओं द्वारा बस्ती के विकास को लेकर कई तरह के वादे किए जाते हैं। उस समय सड़क, नाली और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया जाता है, लेकिन चुनाव समाप्त होने के बाद इन वादों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो पाती। ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बस्ती से स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए सुगम और सुरक्षित रास्ते की व्यवस्था कराई जाए। इसके साथ ही बस्ती में सड़क, नाली तथा अन्य आवश्यक विकास कार्य कराए जाएं, ताकि लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े।
ग्रामीणों ने कहा कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग और हर बस्ती तक पहुंचना चाहिए। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में ग्रामीण सामूहिक रूप से अपनी मांगों को लेकर अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाने के लिए मजबूर होंगे।
अब देखना यह है कि ग्रामीणों की मांग पर जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि कब तक ध्यान देते हैं और भलुवाई की राजभर बस्ती में विकास कार्य धरातल पर कब दिखाई देता है। इसमें शामिल रहे फौजदार प्रजापति, बसंता राजभर, गनेश राजभर, घुरहू कनौजिया, मीना, भानमती, प्रमिला, उर्मिला, ललिता देवी, व धानमती आदि।
