ट्रेन से कटकर युवक की मौत, तीन दिन बाद मोर्चरी में हुई शिनाख्त; परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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कमाऊ बेटे की मौत से मां मनोरमा देवी और पिता उपेंद्र तिवारी का रो-रोकर बुरा हाल, सामने आया गुजारे का संकट

भटनी (देवरिया),I भटनी बाईपास रेलवे गेट के पास बुधवार को रेलवे ट्रैक पर मिले अज्ञात युवक के शव की शिनाख्त रविवार को हो गई। मृतक की पहचान हतवा निवासी विक्की तिवारी (उम्र करीब 22 वर्ष) पुत्र उपेंद्र तिवारी के रूप में हुई है। विक्की पिछले तीन दिनों से लापता था और परिजन उसकी लगातार तलाश कर रहे थे। रविवार को थाने पहुंचे परिजनों को जब पुलिस ने मोर्चरी भेजा, तो वहां उन्होंने शव की पहचान की। कमाऊ बेटे की असमय मौत से पूरे परिवार में कोहराम मच गया है।
मामला बुधवार का है जब भटनी बाईपास रेलवे गेट के पास ट्रैक पर एक युवक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था। युवक के पास कोई पहचान पत्र या दस्तावेज न होने के कारण तत्काल उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी थी। इसके बाद भटनी पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को देवरिया मर्चरी हाउस में रखवा दिया था। इधर, घर से लापता विक्की की खोजबीन करते हुए रविवार को उसके परिजन भटनी थाने में गुमशुदगी की शिकायत लेकर पहुंचे। हुलिए के आधार पर पुलिस ने उन्हें देवरिया मोर्चरी भेजा, जहां परिजनों ने विक्की के रूप में शव की पहचान की।
इकलौता कमाऊ सदस्य था विक्की, दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार
परिजनों के मुताबिक, विक्की भटनी नगर क्षेत्र में ही मेहनत-मजदूरी कर किसी तरह अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। विक्की की मौत ट्रेन की चपेट में आने (ट्रेन से कटकर) से हुई है। वह अपने पीछे मां मनोरमा देवी, पिता उपेंद्र तिवारी और भाई राजन सहित पूरे परिवार को रोता-बिलखता छोड़ गया है। घर के इकलौते कमाऊ सदस्य की मौत के बाद बुजुर्ग माता-पिता और भाई के सामने रोजी-रोटी और गुजारे का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
भटनी थानाध्यक्ष पी.के. गुप्त ने बताया कि बुधवार को शव मिलने के समय युवक के पास कोई शिनाख्त संबंधी दस्तावेज नहीं मिले थे, जिससे तुरंत पहचान संभव नहीं हो सकी थी। रविवार को लापता होने की शिकायत लेकर आए परिजनों को मर्चरी भेजकर शिनाख्त कराई गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।

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