जनता दर्शन में पेन-कागज थमाकर खुद ली परीक्षा।
अपनी मां निधि के साथ फरियाद लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचा था पांच वर्षीय अंश।
देवरिया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित दैनिक जनता दर्शन में बुधवार को एक अनोखा और बेहद मनमोहक नजारा देखने को मिला। अपनी मां के साथ कलेक्ट्रेट में फरियाद लेकर पहुंचे एक पांच साल के मासूम की कुशाग्र बुद्धि और प्रतिभा को देखकर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी भी खुद को रोक नहीं पाए और एक कुशल शिक्षक की भूमिका में नजर आए।
हुआ यूं कि थाना क्षेत्र की रहने वाली फरियादिनी निधि अपने पांच वर्षीय पुत्र अंश के साथ अपनी समस्या को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष उपस्थित हुईं। प्रार्थना पत्र पर विचार करने के दौरान जिलाधिकारी की नजर महिला के साथ खड़े मासूम अंश पर पड़ी। डीएम ने आत्मीयता दिखाते हुए बच्चे को अपने पास बुलाया और उसकी पढ़ाई-लिखाई व स्कूल जाने के संबंध में दुलारते हुए पूछताछ की।
बच्चे की हाजिरजवाबी को परखने के लिए जिलाधिकारी ने अपनी मेज से कागज और पेन उठाकर अंश के हाथ में थमा दिया। एक कुशल अध्यापक की तरह उन्होंने बच्चे से अक्षरों को लिखने और कलेक्ट्रेट कार्यालय में मौजूद विभिन्न रंगों की पहचान करने के बारे में पूछा। मासूम अंश ने भी बिना डरे और पूरे आत्मविश्वास के साथ डीएम द्वारा पूछे गए सभी सवालों के बिल्कुल सटीक उत्तर दे दिए।
पढ़ाई के लिए मां को दिए निर्देश
पांच साल के बच्चे के इस शानदार ज्ञान और तीक्ष्ण बुद्धि को देखकर जिलाधिकारी काफी प्रभावित हुए। उन्होंने बच्चे की पीठ थपथपाते हुए उसकी मां निधि से कहा कि बच्चा अत्यंत होनहार, कुशाग्र बुद्धि और प्रतिभावान है। इसमें आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। डीएम ने मां को कड़े निर्देश दिए कि इसकी शिक्षा-दीक्षा और नियमित पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि इसकी प्रतिभा को सही दिशा मिल सके। जनता दर्शन में मौजूद अन्य फरियादी और कलेक्ट्रेट कर्मी भी जिलाधिकारी के इस सहृदय और प्रेरक अंदाज को देखकर सराहना करते नजर आए।
