नई दिल्ली। दिल्ली में जाम से निजात दिलाने के लिए कही करोड़ों रुपये की लागत से फ्लाई ओवर बनाए जा रहे हैं, तो कहीं सड़कें चौड़ी की जा रही है और कई मार्गों को सिग्नल फ्री करने की कवायद चल रही है। इसके बावजूद रोज दफ्तर कारोबार और ज़रुरी काम के लिए घर से निकलने वाल आम वाहन चालक कई प्रमुख सड़कों पर घंटों जाम में फंस रहा है। हालत यह है कि कई लोग जाम से बचने के लिए रोज अपना रास्ता बदलने लगे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इन प्रमुख इलाकों में स्थायी तौर पर जाम कब खत्म होगा। वाहन चालकों ने बताया की वह रोज बंदर पुर से नेहरू प्लेस जाते हैं कहते हैं कि अपोलो रेड लाईट से मथुरा रोड तक कुछ किलोमीटर का सफर कई बार आधे घंटे से ज्यादा लेता है। वहीं रोज के सफर करने वाले राकेश कुमार ने बताया कमो बेस पुरी दिल्ली का यही हाल है जीस रोड़ से गुरो जाम ही जाम लगा रहता है। मथुरा रोड, निजामुद्दीन, राजघाट, विकास मार्ग, नेहरू प्लेस, नजफगढ़ रोड, रानी झांसी रोड, रोहतक रोड और न्यू रोहतक रोड समेत कई प्रमुख मार्गों पर पीक आवर में वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक सड़क और फ्लाईओवर बनाना जाम का अकेला समाधान नहीं है। सड़क की क्षमता चौराहों की डिजाइन, अवैध पार्किंग, यू-टर्न और पीक आवर में ट्रैफिक दबाव को एक साथ देखकर योजना बनानी होगी।
