मिहींपुरवा/बहराइच। ग्राम पंचायत कारीकोट स्थित प्राचीन काली माता मंदिर परिसर में दशमी के पावन अवसर पर रावण दहन का भव्य आयोजन किया गया। नौ दिवसीय रामलीला के समापन के बाद रावण के पुतले का दहन किया गया, जिसे देखने के लिए हजारों की भीड़ उमड़ पड़ी। ग्राम पंचायत कारीकोट में यह आयोजन हर साल परंपरागत रूप से किया जाता है। इस वर्ष भी कारीकोट रामलीला कमेटी के अध्यक्ष व ग्राम प्रधान प्रतिनिधि केशव राम चौहान और उपाध्यक्ष परमहंस मौर्या के नेतृत्व में नौ दिवसीय रामलीला का सफल आयोजन किया गया। कमेटी द्वारा अयोध्या व स्थानीय कलाकारों को बुलाकर संगीतमय रामलीला का मंचन कराया गया। जिसमें मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के जन्म से लेकर रावण वध तक की सभी लीलाओं का जीवंत मंचन किया गया। रामलीला के दौरान सीता हरण, लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध और हनुमान-रावण संवाद की लीला ने दर्शकों को खूब आकर्षित किया। प्रतिदिन शाम 5 बजे से देर रात तक चलने वाली रामलीला को देखने के लिए कारीकोट के अलावा सुजौली, चहलवा, चफरिया, सहित आस-पास के दर्जनों गांवों से महिला, पुरुष और बच्चों की भारी भीड़ जुटती रही।बुधवार को विजयादशमी के दिन जैसे ही भगवान राम ने रावण के पुतले पर अग्नि बाण छोड़ा, पूरा पंडाल जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। पुतला जलते ही लोगों ने एक-दूसरे को विजयादशमी की बधाइयां दी। आतिशबाजी और ढोल-नगाड़ों के बीच अधर्म पर धर्म की जीत का जश्न मनाया गया। इस अवसर पर आयोजक केशव राम चौहान ने बताया कि माता मंदिर पर रामलीला का यह मंच ग्रामीण एकता और संस्कृति को बचाए रखने का एक प्रयास है। उपाध्यक्ष परमहंस मौर्या ने सभी सहयोगियों और दर्शकों का आभार व्यक्त किया। सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिकोण से सुजौली पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही। सुरक्षा व्यवस्था के लिए सुजौली थाना प्रभारी राम गोविन्द वर्मा के कुशल नेतृत्व में कारीकोट चौकी प्रभारी अवनीश शुक्ला अपने दल-बल के साथ मौके पर मौजूद रहे। पुलिस ने भीड़ नियंत्रण और शांति व्यवस्था बनाए रखने में सराहनीय कार्य किया।
