सुरौली (देवरिया)। साइबर ठगी के शिकार भटजमुआव निवासी ब्रह्म प्रकाश पांडेय को सुरौली पुलिस ने राहत दिलाई है। पुलिस की सक्रियता से ठगी गई 4500 रुपये की पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई।
जानकारी के अनुसार, थाना सुरौली क्षेत्र के भटजमुआव निवासी ब्रह्म प्रकाश पांडेय ने 23 जून 2026 को साइबर ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद सुरौली थाने की साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम होल्ड करा दी। इसके बाद मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) पोर्टल के माध्यम से आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर 4500 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए।
रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस टीम के प्रति आभार जताया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देशन में की गई। इसमें थानाध्यक्ष अविनाश मौर्य, साइबर प्रभारी उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, कांस्टेबल इमरान अंसारी और महिला कांस्टेबल शालिनी मिश्रा की भूमिका रही।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की रकम को समय रहते सुरक्षित कराया जा सके।साइबर ठगी के 4500 रुपये पीड़ित को वापस दिलाए
सुरौली पुलिस की त्वरित कार्रवाई से खाते में वापस पहुंची ठगी की पूरी रकम
देवरिया। साइबर ठगी के शिकार भटजमुआव निवासी ब्रह्म प्रकाश पांडेय को सुरौली पुलिस ने राहत दिलाई है। पुलिस की सक्रियता से ठगी गई 4500 रुपये की पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस करा दी गई।
जानकारी के अनुसार, थाना सुरौली क्षेत्र के भटजमुआव निवासी ब्रह्म प्रकाश पांडेय ने 23 जून 2026 को साइबर ठगी की शिकायत एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत मिलने के बाद सुरौली थाने की साइबर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम होल्ड करा दी। इसके बाद मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (एमआरएम) पोर्टल के माध्यम से आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी कर 4500 रुपये पीड़ित के खाते में वापस करा दिए गए।
रकम वापस मिलने पर पीड़ित ने पुलिस टीम के प्रति आभार जताया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिजित आर. शंकर के निर्देशन में की गई। इसमें थानाध्यक्ष अविनाश मौर्य, साइबर प्रभारी उपनिरीक्षक संतोष कुमार सिंह, कांस्टेबल इमरान अंसारी और महिला कांस्टेबल शालिनी मिश्रा की भूमिका रही।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें और cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि ठगी की रकम को समय रहते सुरक्षित कराया जा सके।
