मिट्टी के दीपक एवं हटरी हमारी प्राचीन कला एवं संस्कृति की पहचान : महापौर जैन

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सोनीपत। नगर निगम मेयर राजीव जैन ने कहा है कि दीपावली के अवसर पर मिट्टी के दीपक एवं हटरी हमारी प्राचीन कला एवं संस्कृति की पहचान है इसलिए हमें चाइनीज दीयों एवं अन्य सामान की बजाए मिट्टी के दीयों एवं हटरी से ही लक्ष्मी पूजन करना चाहिए। मेयर जैन ने कुम्हार मोहल्ले में मिट्टी के दीयों की खरीद दारी करते हुए कहा कि मिट्टी के दीयों एवं हटरी न केवल शुद्धता का प्रतीक है, बल्कि इसमें असंख्य माटी कलाकारों की मेहनत एवं पसीने की खुशबू आती है। इसी तरह मिट्टी के मटकों का पानी, कुल्हड़ की चाय, मिट्टी के बर्तनों की दही स्वादिष्ट ही नहीं बल्कि हमारे उत्तम स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी है।उन्होंने कहा कि कुम्हार समाज की दीपावली समय के साथ-साथ फीकी पढ़ने लगी थी। लोगों का ध्यान चाइनीज एवं अन्य धातुओं से बनी वस्तुओं की तरफ बढ़ गया था। कुम्हार समाज के परिवारों का दीपावली पर हुई बिक्री से ही वर्ष भर की मेहनत का फल मिलता था। परंतु अब फिर लोग अपनी जड़ों की तरफ लौटने लग गये हैं, जिसमें आज सड़क किनारे मिट्टी के समान के स्टाल लगने लग गई हैं। मेयर जैन ने बताया कि मिट्टी के दीयों में पुनः जागरूकता पैदा करने के लिए शिक्षा विभाग ने पहल करते हुए प्रत्येक सरकारी स्कूल में मिट्टी के दीये जलाने एवं जागरूकता रैली निकालने का निर्णय लिया है। राजीव जैन ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मुरथल अड्डा में आयोजित दीपावली मेले में पहुंचकर स्कूली बच्चियों द्वारा रंगों से सजाये गये दीयों का अवलोकन करते हुए प्रशंसा की।

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