26 वर्षों से साहित्य साधना में जुटे ‘साहिर’ का साहित्य सेवा के लिए सम्मान

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छात्र-छात्राओं में साहित्य के बीज रोपने के साथ ग्रामीण प्रतिभाओं को दे रहे मंच…

धमतरी (छ.ग.)। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करेली बड़ी, जिला धमतरी में शिक्षक एवं शायर जितेन्द्र सुकुमार ‘साहिर’ को साहित्य के क्षेत्र में निरंतर 26 वर्षों से सक्रिय रहकर साहित्य सेवा करने के लिए सम्मानित किया गया। शिक्षकीय दायित्वों के साथ वे साहित्य साधना और साहित्यिक गतिविधियों के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। जितेन्द्र सुकुमार ‘साहिर’ ने ‘आओ कविता लिखें’ संस्था की स्थापना कर छात्र-छात्राओं में साहित्य के प्रति रुचि जागृत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। वे नई पीढ़ी में साहित्य के बीज रोपने के साथ बच्चों और युवाओं को कविता, लेखन तथा सृजनात्मक अभिव्यक्ति से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।
इसके साथ ही वे रत्नांचल जिला साहित्य एवं जनकल्याण समिति, गरियाबंद के अध्यक्ष का दायित्व निभा रहे हैं। इस माध्यम से वे ग्रामीण अंचलों में छिपी साहित्यिक प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उनकी पहल से गांवों के रचनाकारों को अपनी प्रतिभा सामने लाने तथा साहित्यिक गतिविधियों से जुड़ने के अवसर मिल रहे हैं।
सम्मान समारोह के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ राज्य भंडार गृह निगम के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद चंदूलाल साहू तथा अध्यक्ष नगर पालिका राजिम महेश यादव रहे। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ताओं के रूप में व्यंग्यकार काशीपुरी कुंदन, दिनेश चौहान एवं व्यासनारायण चतुर्वेदी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने ‘साहिर’ की 26 वर्षों की साहित्य साधना, शिक्षकीय सेवा तथा नई प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना की।
वक्ताओं ने कहा कि साहित्यकार का दायित्व केवल साहित्य सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में साहित्यिक चेतना का विस्तार करना और नई प्रतिभाओं को अवसर प्रदान करना भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इस दृष्टि से जितेन्द्र सुकुमार ‘साहिर’ का साहित्य के क्षेत्र में योगदान उल्लेखनीय है।
समारोह में उपस्थित अश्क बस्तरी, डाॅ. मुन्नालाल देवदास, नूतन साहू, टीकमचंद सेन ‘दिवाकर’ संतोष सोनकर मंडल, पुरूषोंत्तम चक्रधारी, प्रदीप कुंवरदादा, श्याम सुन्दर साहू,भोज साहू, बी एल श्रीवास,विजय सिन्हा, सुश्री सरोज कंसारी, कल्याणी कंसारी आदि साहित्यकारों ने जितेन्द्र सुकुमार ‘साहिर’ को सम्मान के लिए बधाई देते हुए उनके निरंतर साहित्य सृजन एवं साहित्य सेवा के लिए शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

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