देवरिया। जिला कारागार में महिला बंदियों के साथ रह रहे छह बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और समुचित देखरेख सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को सुरक्षित बचपन योजना के तहत संयुक्त निगरानी समिति ने निरीक्षण किया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह की अध्यक्षता में हुए निरीक्षण में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली गई।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बच्चों की शिक्षा, चिकित्सा, पोषण, मनोरंजन, मनोसामाजिक परामर्श और भावनात्मक सहयोग से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को शासन के निर्धारित प्राविधानों के अनुसार नियमित निरीक्षण करते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के लिए स्पांसरशिप योजना और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) का लाभ दिलाए जाने की जानकारी दी। जिला बाल संरक्षण इकाई की ओर से बच्चों की व्यक्तिगत देखरेख योजना भी तैयार कराई गई है।
मुख्य चिकित्साधिकारी की ओर से बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ पौष्टिक आहार और विटामिन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। खंड शिक्षा अधिकारी ने बच्चों को शिक्षा विभाग की योजनाओं और शिक्षण संस्थानों से जोड़ने की जानकारी दी, जबकि बाल विकास परियोजना अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्रों से बच्चों को जोड़ने की व्यवस्था के बारे में बताया।
इस दौरान जेल अधीक्षक आशीष रंजन झा, जिला परिवीक्षा अधिकारी नम्रता सिंह, बीएसए रामजियावन मौर्य, बाल रोग विशेषज्ञ डा. आरके श्रीवास्तव, सीडीपीओ विश्व दीपक पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी देवमुनी वर्मा, बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सावित्री राय सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
