पिया सावन में हमके झुलाइदा…

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कजरी के सुरों से झूम उठा हरिहरपुर, सुरमयी प्रस्तुतियों ने बांधा समां।

दो दिवसीय हरिहरपुर कजरी महोत्सव का भव्य समापन, देश-प्रदेश के कलाकारों ने दी मनमोहक प्रस्तुतियां।

आजमगढ़। हरिहरपुर की धरती पर कजरी, लोकगीत, सूफी संगीत और भक्ति गीतों के सुरों ने ऐसा समां बांधा कि देर रात तक पूरा परिसर तालियों की गूंज से सराबोर रहा। हरिहरपुर संगीत घराना ट्रस्ट एवं हरिहरपुर घराना संगीत संस्थान की ओर से आयोजित दो दिवसीय हरिहरपुर कजरी महोत्सव का भव्य समापन हुआ। देश-प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे कलाकारों के साथ स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। आयोजन को सफल बनाने में अजय मिश्र, आदर्श मिश्र और विवेक पांडेय, राहुल मिश्र समेत संस्था से जुड़े लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राय अनूप कुमार श्रीवास्तव, वरिष्ठ अधिवक्ता एवं प्रबंधक प्रखर शिशु निकेतन, आजमगढ़ तथा विशिष्ट अतिथियों दिनेश श्रीवास्तव, सपना बनर्जी, विवेक पांडेय, आदर्श मिश्रा, सुनील शर्मा, जय सिंह, अर्पित तिवारी, दीपक मिश्र और अमन श्रीवास्तव ने दीप प्रज्ज्वलित कर मां सरस्वती को पुष्प अर्पित करके किया।
कार्यक्रम की पहली प्रस्तुति हर्ष अमन, अजीत और ऋषभ ने गणेश वंदना ‘गौरी के ललना’ से दी।

इसके बाद दीपक चौहान ने ‘अरे रामा कहवा से अइले बनवारी’ सुनाकर वातावरण को कजरीमय कर दिया।
बाल कलाकार सत्यम मिश्रा ने ‘सजा जो घर को गुलशन सा’ से खूब तालियां बटोरीं। विकास ने ‘झूला कदम की डरिया लगा मोहन’ और किशन मिश्र ने ‘पिया सावन में हमके झुलाइदा’ प्रस्तुत कर वाहवाही लूटी।
महोत्सव में सूफी संगीत का रंग भी देखने को मिला। ‘छाप तिलक सब छीनी रे’ और ‘मैं तो हवा हूं, किस तरह पहरे लगाओगे’ जैसी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। विजय तिवारी ने ‘झुलुमा केकरे संग झूली झरिया गइले सवरिया ना’ तथा रजनीश पाठक ने कजरी प्रस्तुत कर समां बांधा। सुप्रिया ने ‘हरिहरि दुहले कृष्ण कन्हैया, बरज के गईया’ के साथ अन्य गीतों से खूब सराहना बटोरी। अखिलेश गौड़, संजय सांडिल और अंत में विपिन पांडेय की प्रस्तुतियों ने भी श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।

मुख्य अतिथि राय अनूप कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि हरिहरपुर संगीत घराना प्राचीन और समृद्ध संगीत परंपरा का केंद्र है। आज हरिहरपुर ने अपनी सांस्कृतिक पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि अजय मिश्र, आदर्श मिश्र, हृदय मिश्र, विशाल मिश्र, राहुल, नीतीश मिश्र और संदीप मिश्र जैसे युवा कलाकार इस विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
वरिष्ठ साहित्यकार एवं गीतकार दिनेश श्रीवास्तव ने कजरी की लोक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए आयोजन समिति के प्रयासों की सराहना की।
गांधीगिरी टीम के अध्यक्ष विवेक पांडेय ने कहा कि हरिहरपुर संगीत घराना आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। इसे देश और व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में अजय मिश्र और आदर्श मिश्र की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। इन प्रयासों ने हरिहरपुर की सांगीतिक गतिविधियों को नई दिशा दी।


उन्होंने आगे यह भी कहा कि अजय मिश्र के अथक परिश्रम और समर्पण को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने हरिहरपुर और यहां की संगीत परंपरा को देश स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर काम किया है। आदर्श मिश्र भी संस्था की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
हरिहरपुर संगीत घराना के अध्यक्ष एवं संस्था प्रमुख अजय मिश्र ने अतिथियों, कलाकारों, सहयोगियों और दर्शकों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि कजरी केवल गीत नहीं, बल्कि लोक विरासत और सांस्कृतिक पहचान है। हरिहरपुर के नाम के साथ कजरी महोत्सव को जोड़कर इसे वर्षों से आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने विवेक पांडेय, आदर्श मिश्र, राहुल मिश्र सहित सभी सहयोगियों और संगीतप्रेमियों का विशेष आभार व्यक्त किया।
महोत्सव में कलाकारों एवं आयोजन में योगदान देने वाले लोगों को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन कमलेश मिश्र ने किया।
कजरी, लोकगीत और विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सजी यह शाम हरिहरपुर की समृद्ध संगीत परंपरा की यादगार तस्वीर छोड़ गई।
इस अवसर पर अजय मिश्र, राहुल मिश्र, दीपक मिश्र, आदर्श मिश्र, नीतीश मिश्र, विशाल मिश्र, संदीप मिश्र, विकास मिश्र, सपना बनर्जी सहित बड़ी संख्या में कलाकार, संगीतप्रेमी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।

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