देवरिया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से सोमवार को फुलवरिया लच्छी स्थित अलका महिला महाविद्यालय में महिला सशक्तीकरण एवं विधिक साक्षरता विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों के साथ ही महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं और हेल्पलाइन के बारे में जानकारी दी गई।
उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्ययोजना तथा जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धनेन्द प्रताप सिंह के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना ने छात्राओं को जागरूक करते हुए कहा कि कानून की जानकारी महिलाओं का सबसे बड़ा हथियार है। जब महिलाएं अपने अधिकारों को समझेंगी, तभी वे समाज में अपने अधिकारों की रक्षा प्रभावी ढंग से कर सकेंगी। उन्होंने छात्राओं को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।
सचिव ने महिलाओं से संबंधित प्रमुख कानूनों की जानकारी देते हुए घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम से संबंधित कानून, दहेज प्रतिषेध अधिनियम, बाल विवाह निषेध कानून और पोक्सो एक्ट के प्रावधानों के बारे में बताया। इसके अलावा महिला सुरक्षा, सर्वाइकल कैंसर से बचाव तथा शासन की ओर से महिलाओं के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की भी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से पीड़ित और निर्धन महिलाओं को निःशुल्क कानूनी सहायता एवं विधिक परामर्श उपलब्ध कराया जाता है। छात्राओं को आपात स्थिति में 1090 महिला पावर लाइन, 112 तथा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की 15100 हेल्पलाइन का उपयोग करने के लिए भी जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्य, प्रबंधक, शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में छात्राएं मौजूद रहीं।
