देवरिया। जनपद में जमीन की रजिस्ट्री में स्टाम्प चोरी रोकने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। मंगलवार को जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने क्रय-विक्रय की गई दो बड़ी संपत्तियों के स्टाम्प मूल्यांकन का मौके पर जाकर स्थलीय सत्यापन किया। इस औचक जांच के दौरान सोनूघाट स्थित एक संपत्ति के मूल्यांकन में भारी कमी (स्टाम्प चोरी) पकड़ी गई, जिस पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को तत्काल दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
जिलाधिकारी ने सोनूघाट के निकट देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर स्थित मौजा टड़वा और सोनूघाट की संपत्तियों के अभिलेखों का मौके पर मिलान किया। जांच में मौजा टड़वा स्थित संपत्ति के लेखपत्र में तो स्टाम्प मूल्य नियमानुसार सही पाया गया, लेकिन सोनूघाट की संपत्ति के मूल्यांकन में गड़बड़ी और कमी उजागर हुई। डीएम ने एआईजी निबंधन को निर्देशित किया कि रजिस्ट्री से पूर्व स्टाम्प मूल्यांकन की समुचित जांच की जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि संपत्तियों के क्रय-विक्रय में सरकारी राजस्व को चूना लगाने वालों और इसमें संलिप्त अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। निरीक्षण के दौरान सहायक महानिरीक्षक (निबंधन) अजय धर्मपाल सिंह एवं उप निबंधक मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
