इटैली बाजार में राम-लक्ष्मण-भरत मिलाप और मनमोहक झांकियों ने मोहा मन, जियापुर में भी उमड़ा जनसैलाब।
थाना प्रभारी अखिलेश कुमार सिंह और सीओ आस्था जायसवाल ने विभिन्न मेला स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा।
मेहनाजपुर (आजमगढ़)। शरद पूर्णिमा के पावन अवसर पर मेहनाजपुर क्षेत्र में धार्मिक आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का अनूठा संगम देखने को मिला। क्षेत्र के माँ सिद्धेश्वरी धाम, इटैली बाजार और जियापुर में ऐतिहासिक मेले का आयोजन किया गया। तीनों स्थानों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो दिन चढ़ने के साथ और तेज होता गया। क्षेत्र के विभिन्न गांवों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना कर अपनी आस्था प्रकट की। वहीं, मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी सतर्क नजर आया। शरद पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित इन मेलों का क्षेत्र में विशेष धार्मिक और सामाजिक महत्व है। हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचे। कहीं श्रद्धालुओं ने मंदिर में मत्था टेककर सुख-समृद्धि की कामना की, तो कहीं पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आकर्षक झांकियों ने लोगों का ध्यान खींचा। मेले के माध्यम से क्षेत्र की पुरानी परंपराओं और सामाजिक एकजुटता की झलक देखने को मिली।
मेहनाजपुर स्थित माँ सिद्धेश्वरी धाम में शरद पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ रही। दूर-दराज के गांवों से पहुंचे लोगों ने माता के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और मंगलकामना के लिए प्रार्थना की। धार्मिक आस्था से जुड़े इस आयोजन में पूरे क्षेत्र का माहौल भक्तिमय नजर आया।
मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। मेले में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। स्थानीय लोगों के लिए यह मेला केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि आपसी मेल-मिलाप और सामाजिक परंपराओं को जीवंत रखने का अवसर भी रहा।
इटैली बाजार में राहुल सिंह की अध्यक्षता में मेले का आयोजन किया गया। यहां राम-लक्ष्मण-भरत मिलाप का कार्यक्रम विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। भगवान श्रीराम, लक्ष्मण और भरत से जुड़ी इस धार्मिक परंपरा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत की गईं मनमोहक झांकियों ने श्रद्धालुओं और दर्शकों का मन मोह लिया।
झांकियों के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों की प्रस्तुति ने लोगों को आकर्षित किया। मेले में पहुंचे ग्रामीणों ने कार्यक्रम का आनंद लिया और आयोजन की सराहना की। धार्मिक कार्यक्रमों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने इटैली बाजार के मेले को विशेष पहचान दी। आयोजन में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी देखने को मिली।
जियापुर में ब्रजेश सिंह उर्फ गुड्डू की अध्यक्षता में मेले का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता रही। मेले में पहुंचे लोगों ने विभिन्न गतिविधियों का आनंद लिया और पारंपरिक आयोजन का हिस्सा बने। स्थानीय स्तर पर आयोजित इस मेले ने ग्रामीण क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और आपसी सहयोग की भावना को प्रदर्शित किया।मेले के आयोजन में मुख्य कार्यकर्ता जयेश विक्रम सिंह, समाजसेवी संजय सिंह, पप्पू सिंह, शशि प्रकाश सिंह उर्फ मंटू सिंह, अमर सिंह और गणेश मद्धेशिया सहित अन्य लोगों का योगदान रहा। इसके साथ ही पलक स्टूडियो, बहलोलपुर का भी उल्लेख किया गया। आयोजन से जुड़े लोगों की सहभागिता ने मेले के संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तीनों मेला स्थलों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया। मेहनाजपुर थाना प्रभारी अखिलेश कुमार सिंह और लालगंज क्षेत्राधिकारी (सीओ) आस्था जायसवाल ने विभिन्न मेला स्थलों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
मेले में लोगों की आवाजाही और भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों की सक्रियता का उद्देश्य धार्मिक आयोजनों को शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराना और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना रहा।
शरद पूर्णिमा के अवसर पर माँ सिद्धेश्वरी धाम, इटैली बाजार और जियापुर में आयोजित ऐतिहासिक मेलों ने क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को एक बार फिर जीवंत कर दिया। तीनों स्थानों पर श्रद्धालुओं की भागीदारी, धार्मिक कार्यक्रमों और पारंपरिक आयोजनों ने उत्साहपूर्ण माहौल बनाया।
