रैंकिंग खराब होने पर तय होगी जिम्मेदारी, डीएम
देवरिया । जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और खराब फीडबैक मिलने पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने अधिशासी अभियंता विद्युत देवरिया, अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड, अधिशासी अधिकारी पथरदेवा और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी (एमओआईसी) बरहज को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यकक्ष से गूगल मीट के माध्यम से आईजीआरएस प्रकरणों की समीक्षा करते हुए डीएम ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक होना चाहिए। अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतकर्ता से संपर्क कर उसका पक्ष सुनें और समस्या का समाधान करने के बाद उसकी संतुष्टि भी सुनिश्चित करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण आख्या में संबंधित तथ्यों और की गई कार्रवाई का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए। बिना पर्याप्त तथ्यों अथवा नियमों के विरुद्ध शिकायतों का निस्तारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डीएम ने चेतावनी दी कि शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में कमी के कारण जनपद की रैंकिंग प्रभावित हुई तो संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने आईजीआरएस, शासन संदर्भ और मुख्यमंत्री कार्यालय सहित विभिन्न स्तरों से प्राप्त शिकायतों का समयबद्ध एवं पारदर्शी निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।
