चौराहों, धार्मिक स्थलों, अस्पतालों और रेलवे स्टेशन सहित प्रमुख स्थानों पर होगा निराश्रितों का चिन्हांकन।
देवरिया। सड़कों और फुटपाथों पर बेसहारा जीवन बिताने वाले निराश्रितों को अब चिन्हित कर उन्हें सुरक्षित आश्रय और पुनर्वास की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय संयुक्त समिति रेस्क्यू टास्क फोर्स की बैठक हुई। बैठक में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में योजित जनहित याचिका संख्या 571/2024 ज्योति राजपूत बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य में पारित आदेश के अनुपालन की समीक्षा की गई।
बैठक में जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि टास्क फोर्स का मुख्य उद्देश्य कठिन परिस्थितियों में सड़कों और फुटपाथों पर जीवन यापन करने वाले बेघर, मानसिक रूप से अस्वस्थ, दिव्यांग और असहाय व्यक्तियों को देखभाल एवं संरक्षण उपलब्ध कराना है। इसमें भिक्षावृत्ति में शामिल लोगों को भी चिन्हित किया जाएगा।
इसके लिए शहर के प्रमुख चौराहों, धार्मिक स्थलों, पर्यटन स्थलों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, टैक्सी स्टैंड और बाजारों सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर अभियान चलाकर ऐसे महिला, पुरुष, बच्चों और थर्ड जेंडर के लोगों की पहचान की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिया कि टास्क फोर्स और निराश्रित व्यक्तियों के चिन्हांकन के लिए अलग व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाए, ताकि संबंधित विभागों के बीच सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान हो सके। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्वों का जिम्मेदारी से निर्वहन करने को कहा।
चिन्हित बच्चों और निराश्रितों को उनकी आयु एवं स्थिति के अनुसार निर्धारित संस्थाओं में आश्रय दिया जाएगा। छह वर्ष तक के बच्चों को राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण इकाई देवरिया, छह से दस वर्ष तक के बच्चों को राजकीय शिशु गृह प्रयागराज, 10 से 18 वर्ष के बालकों को राजकीय बाल गृह देवरिया तथा इसी आयु वर्ग की बालिकाओं को वन स्टॉप सेंटर में रखा जाएगा। वहीं, वृद्धजनों को समाज कल्याण विभाग के वृद्धाश्रम में आश्रय मिलेगा। दिव्यांग एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ बच्चों के लिए दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की संस्थाओं में व्यवस्था की जाएगी।
चिकित्सकीय सुविधा स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध कराई जाएगी। 18 वर्ष तक के बच्चों के मामलों में बाल कल्याण समिति निर्णय लेगी, जबकि वयस्कों के पुनर्वास के लिए संबंधित क्षेत्र के कार्यकारी मजिस्ट्रेट आदेश जारी करेंगे।
बैठक में देवरिया सदर सहित सभी तहसीलों के उपजिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी नगर, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, नामित चिकित्साधिकारी, विभिन्न विकासखंडों के खंड विकास अधिकारी, पुलिस एवं महिला थाना के अधिकारी सहित समिति के अन्य सदस्य ऑनलाइन माध्यम से जुड़े रहे।
