तहबरपुर (आजमगढ़)। चिरावल सड़क दुर्घटना में गम्भीर रूप से घायल 22 वर्षीय नितिन यादव की मृत्यु के बाद किसान नेता राजीव यादव ने लखनूपुर, रजथरिया गांव में उनके परिजनों से मुलाक़ात की। राजीव ने फिर से शिवम और नितिन के लिए न्याय मांग रहे युवाओं की तत्काल रिहाई की मांग की।
राजीव यादव ने कहा कि शिवम पाल की मृत्यु के बाद नितिन यादव की मौत का जिम्मेदार प्रशासन है। किसी नेता अधिकारी का बेटा होता तो यही प्रशासन एयरलिफ्ट कराने लगता। यहां तो उसके लिए न्याय मांगने वालों को ही पुलिस ने उठा-उठाकर जेल भेज दिया। अगर न्याय मांग रही आवाजों की सुनवाई होती तो आज दो घरों के चिराग न बुझते। नितिन इकलौता लड़का था, उसकी एक बहन है और पिता किसान हैं जो थोड़ी बहुत खेती है उसी में गुजर-बसर करते हैं। नितिन को डी फार्मा की पढ़ाई करा रहे थे कि पढ़लिखकर कुछ काम करके घर संभालेगा। पिता नन्हे यादव बताते हैं कि आजमगढ़ और प्रयागराज में ईलाज के दौरान बारह-पंद्रह लाख रुपए लग गए, बहुत कर्जा हो गया। ऐसे में नितिन यादव के परिजनों को पचास लाख रूपए तत्काल मुआवजा दिया जाए। अब तक कोई प्रशासनिक अधिकारी इनके घर नहीं गया। इसके विपरीत शिवम और नितिन के लिए न्याय मांगने वाले युवाओं के घर रात के अंधेरे में छापेमारी की गई, झूठा मुकदमा करके जेल में ठूस दिया गया और परिजनों का आरोप है कि बदले की कार्रवाई करते हुए पुलिस जरूरी कागज जो कोर्ट में देने हैं नहीं दे रही जिससे कि युवा जेल में सड़े और पीड़ित परिजन रिश्वत देने को मजबूर हों।
राजीव ने कहा कि हर दिन गांवों की सड़कों पर दुर्घटनाएं हो रहीं हैं और गरीब पृष्ठभूमि की जनता ईलाज के आभाव में मरने को मजबूर है। वहीं ग्रामीण सड़कों का निर्माण तकनीकी रूप से बहुत खराब किया जाता है। ऐसे में किसी भी दुर्घटना के बाद ईलाज की जिम्मेदारी सरकार को लेनी होगी।
सोशलिस्ट किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल में राजीव यादव, डाक्टर राजेंद्र यादव, अधिवक्ता विनोद यादव, महेंद्र यादव, अवधेश यादव, नंदलाल यादव, दुर्गा यादव शामिल थे।
