एसआरएन अस्पताल का नाम अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर करने की मांग, पांचवें दिन भी जारी रहा धरना

0Shares
  • काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस पर मलाका जेल में अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि, आंदोलनकारियों ने कहा- शहीद की विरासत को राष्ट्रीय सम्मान मिलना चाहिए।

प्रयागराज। काकोरी केस के महानायक अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल को राष्ट्रीय गौरव दिलाने और स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (एसआरएन) का नाम उनके नाम पर किए जाने की मांग को लेकर एसआरएन अस्पताल परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। धरने का नेतृत्व महुआ डाबर संग्रहालय की ओर से किया जा रहा है।
काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के अवसर पर धरना स्थल पर दिनभर छात्र-युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नागरिकों की आवाजाही रही। लोगों ने अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को याद किया।
आंदोलनकारियों ने कहा कि वर्ष 2026 ऐतिहासिक काकोरी ट्रेन एक्शन की शताब्दी का वर्ष है। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर काकोरी केस के महानायक ठाकुर रोशन सिंह के बलिदान स्थल और उनकी विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिलना चाहिए था। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि सरकारों की उपेक्षा के कारण उनके बलिदान से जुड़ी ऐतिहासिक पहचान धीरे-धीरे धूमिल हो रही है।
धरने को संबोधित करते हुए महुआ डाबर संग्रहालय के महानिदेशक एवं क्रांतिकारी-शहीद वंशज डॉ. शाह आलम राना ने कहा कि ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए महान क्रांतिकारी ठाकुर रोशन सिंह का बलिदान प्रयागराज की मलाका जेल में हुआ था। उस दौर में मलाका जेल संयुक्त प्रांत की कुख्यात जेलों में गिनी जाती थी।
उन्होंने कहा कि आज उसी ऐतिहासिक बलिदान स्थल पर स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय स्थापित है, लेकिन इस स्थान से जुड़ी क्रांतिकारी विरासत की पहचान लगातार धूमिल होती जा रही है। उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक उपेक्षा को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डॉ. राना ने कहा कि महुआ डाबर संग्रहालय की स्पष्ट मांग है कि एसआरएन अस्पताल का नाम तत्काल अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन क्रांतिकारियों ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष करते हुए देश की आजादी का मार्ग प्रशस्त किया, आज उनकी स्मृतियों और विरासत को सम्मान दिलाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
धरने को संबोधित करते हुए इंद्रजीत मौर्य ने कहा कि जिस पवित्र माटी पर अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह ने देश के लिए अपना रक्त बहाया, उसी स्थान को उनका नाम और सम्मान मिलना चाहिए था। उन्होंने कहा कि यदि तत्कालीन सरकारों ने उसी समय इस स्थल का नाम शहीद ठाकुर रोशन सिंह के नाम पर कर दिया होता तो आज लोगों को सड़क पर उतरकर आंदोलन करने की जरूरत नहीं पड़ती।
उन्होंने कहा कि अमर शहीद ठाकुर रोशन सिंह पूरे देश के महानायक हैं। उनके सम्मान के लिए देशभर के लोगों को आवाज उठानी चाहिए और यह प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है।
धरने में पंकज बनर्जी, डॉ. सर्वेश सिंह, एमके चौरसिया, डॉ. अवनीश सिंह, शुभम दुबे, दीपक सिंह पटेल, शिवांग त्रिपाठी, सत्येंद्र सिंह, शशांक पांडे, अनमोल बरनवाल, विकास पासवान, सम्राट राय, राजन तिवारी, रवि यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
इसके अलावा राजन तिवारी, हिमांशु सिंह, विक्की यादव, सात्विक सिंह, अमित गिरी, चंदन पासी, आइश पटेल, सम्राट राय, अनुराग सिंह, अमन तिवारी और प्रत्यूष सिंह सहित बड़ी संख्या में छात्र, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक धरने में शामिल हुए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *