पूर्वांचल के “धान का कटोरा” कहे जाने वाले चंदौली में स्थानीय एवं पारंपरिक धान की किस्मों के संरक्षण और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “धान बीज बैंक” की स्थापना की मांग।
चन्दौली ब्यूरो। पूर्वांचल के “धान का कटोरा” कहे जाने वाले चंदौली में स्थानीय एवं पारंपरिक धान की किस्मों के संरक्षण और किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के उद्देश्य से “धान बीज बैंक (Rice Seed Bank)” की स्थापना की मांग को लेकर राज्यसभा सांसद श्रीमती दर्शना सिंह ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात कर उन्हें पत्र सौंपा।
सांसद दर्शना सिंह ने केंद्रीय मंत्री को दिए पत्र में कहा कि चंदौली कृषि की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण जिला है और यहां की बड़ी आबादी कृषि पर निर्भर है। जिले के किसान प्रतिवर्ष बड़ी मात्रा में धान का उत्पादन करते हैं, जिससे चंदौली की कृषि क्षमता और धान उत्पादन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका स्पष्ट होती है।
सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के कुशल एवं दूरदर्शी नेतृत्व तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन में चन्दौली निरंतर विकास की ओर अग्रसर है। आकांक्षी जिला कार्यक्रम के अंतर्गत शामिल चंदौली कृषि के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान बना रहा है। यहां की पारंपरिक अदमचीनी चावल की किस्म को वर्ष 2023 में जीआई टैग प्राप्त हुआ है, जबकि प्रसिद्ध काला चावल उत्तर प्रदेश की “एक जिला एक उत्पाद” (ODOP) योजना के अंतर्गत शामिल है।
सांसद ने कहा कि चंदौली की स्थानीय एवं पारंपरिक धान की किस्मों को सुरक्षित रखने, गुणवत्तापूर्ण बीज तैयार करने और किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने के लिए धान बीज बैंक की स्थापना एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो सकती है। इससे स्थानीय धान की विशिष्ट किस्मों के बीजों का संरक्षण किया जा सकेगा तथा आवश्यकता के अनुसार उनका बीज उत्पादन बढ़ाकर किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा सकेगा।
सांसद दर्शना सिंह ने यह भी कहा कि इन विशिष्ट धान की किस्मों के बीजों के देश के अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेशों में निर्यात की संभावनाएं विकसित की जा सकती हैं। इससे चंदौली की कृषि पहचान को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिलने के साथ किसानों की आय बढ़ाने के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सांसद दर्शना सिंह ने कहा कि धान बीज बैंक के माध्यम से बीज उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण एवं विपणन के क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और युवाओं को कृषि आधारित रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी।
सांसद ने केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान से आग्रह किया कि चंदौली में “धान बीज बैंक” की स्थापना के प्रस्ताव पर आवश्यक कार्रवाई करते हुए इसे स्वीकृति प्रदान करने की दिशा में पहल की जाए, ताकि जिले की पारंपरिक धान की किस्मों का संरक्षण हो सके और किसानों को समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराया जा सके।
