केराकत (जौनपुर)। तहसील के ग्रामसभा थानागद्दी में स्थित देवनाथपुर प्राथमिक विद्यालय पर तैनात सफाईकर्मी के क्रिया कलापों पर एक बार फिर गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने रास्ते पर उगे घास फूस और खस्ताहाल स्थिति पर आक्रोश व्यक्त किया है। रास्ते में उगे घास-फूस के बीच स्कूल जाने को मजबूर छात्र, जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा मंडरा रहा। देवनाथपुर प्राथमिक विद्यालय में सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल के बीच मिडिया में भी यह खबर वायरल है कि सफाईकर्मी खुद क़ाम ना करके मजदूरो से दिहाड़ी पर फावड़ा चलवाते दिखाई दे जाते है। सफाईकर्मीयों की लापरवाही से बच्चों में भय का माहौल बना हुआ है। जानकारी के अनुसार केराकत तहसील क्षेत्र के थानागद्दी अंतर्गत देवनाथपुर प्राथमिक विद्यालय में सफाई व्यवस्था की बदहाल स्थिति बच्चों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है। विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते पर जगह-जगह बड़े-बड़े घास, खरपतवार और झाड़ियां उग आई हैं। इन्हीं के बीच से होकर नौनिहालों को रोजाना विद्यालय आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि रास्ते की नियमित सफाई न होने के कारण खरपतवार काफी बढ़ गए हैं। बरसात के मौसम में घनी घास और झाड़ियों के बीच सांप, बिच्छू समेत अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में छोटे-छोटे बच्चों को इस रास्ते से गुजरना अभिभावकों के लिए भी चिंता का विषय बना हुआ है।
सफाई कर्मी की कार्यप्रणाली पर सवाल-
ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय परिसर और उसके आसपास सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी होने के बावजूद तैनात सफाई कर्मी द्वारा नियमित रूप से साफ-सफाई नहीं की जा रही है। नतीजतन रास्ते और आसपास का क्षेत्र घास-फूस से पटता जा रहा है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मामले का संज्ञान लेकर विद्यालय के रास्ते तथा परिसर की तत्काल साफ-सफाई कराने की मांग की है।
बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़ का आरोप-
अभिभावकों का कहना है कि विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चे काफी छोटे हैं और उन्हें रास्ते में उगी घनी घास के बीच से गुजरना पड़ता है। यदि झाड़ियों में छिपा कोई जहरीला जीव बच्चे को काट ले तो गंभीर घटना हो सकती है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभाग आखिर कब जागेगा? ग्रामीणों ने बेसिक शिक्षा विभाग एवं संबंधित अधिकारियों से देवनाथपुर प्राथमिक विद्यालय के रास्ते और परिसर की तत्काल सफाई कराने तथा सफाई व्यवस्था की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यालय पहुंचने में किसी प्रकार का खतरा न उठाना पड़े। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस समस्या का संज्ञान लेकर कब तक विद्यालय के रास्ते की सफाई करवाते हैं और लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार कर्मियों के विरुद्ध क्या कार्रवाई की जाती है।
