किताबें खुद तो चुप रहती है लेकिन आपको बोलना सिखा देती है

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लखनऊ। किताबें खुद तो चुप रहती है लेकिन आपको बोलना सिखा देती है। गैजेट की दुनियां में तमाम एप भरे पड़े है लेकिन किताबों को बॉयपास नहीं किया जा सकता है। सोशल मीडिया पर भी कंटेंट की कोई कमी नहीं है आज के दौर में लेकिन किताबों के पन्नों को पलटते हुए पढ़ने का जो सुख है वो एक अलग एहसास दिलाती है। प्रतिकूल हालात में हिम्मत और हौसले की कहानी को पन्ने पर उकेरते हुए अमन की कहानी से युवा वर्ग को लड़ते हुए आगे बढ़ने की बात को केन्द्र में रखते हुए उक्त विचार आसामान छूने की जिद किताब के लेखक राजेश चन्द्र मिश्र ने व्यक्त किये। मौका था यूनिवर्सल लिटरेरी एजेंसी द्वारा प्रकाशित उक्त किताब के विमोचन का जो यूनिवर्सल बुक सेलर गोमती नगर की शाखा पर आयोजित हुआ। शनिवार को आयोजित उक्त कार्यक्रम को होस्ट करते हुए यूनिवर्सल बुक सेलर के मालिक चंदर प्रकाश ने किताब के मूल भाव को लेकर सवाल किया। जिसके जवाब में किताब के लेखक राजेश चन्द्र मिश्र ने किताब की मूल आत्मा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किताबें आपको ताकत देती है। इस कहानी का नायक भी किताबों का दामन नहीं छोड़ता है और अपनी मंजिल को प्राप्त कर लेता है। उन्होंने कहा कि ये किताब आसमां में सुराख कर देनी वाली पंक्ति का जीवंत रुप है जो तैयारी करने वालों को हिम्मत देने का काम करेगी। इस मौके पर वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और इओडब्लू के महानिदेशक जय नरायण सिंह ने कहा कि चाहे कोई भी दौर आये किताबों की अहमियत कभी कम नहीं होगी। पढ़ने का कोई विकल्प नहीं है। श्री सिंह ने किताब की प्रशंसा करते हुए कहा कि रचनात्मक कृतियों को हमेशा हर दौर में सराहा गया है। इस मौके पर पूर्व आइएएस और वर्तमान में उत्तर प्रदेश स्टेट पब्लिक सर्विस टिब्यूनल के वाइस चेयरमैन के रवीन्द्र नायक ने कहा कि किताबें इतिहास का दस्तावेज होती है। आज युवाओं को प्रोत्साहित करने के लिये ऐसी किताबें मौजूद है जो उनको सटीक अनुभव का एहसास कराती है। उन्होंने किताब की सफलता के लिये प्रकाशक यूनिवर्सल लिटरेरी एजेंसी और लेखक को बधाई दिया। कार्यक्रम में मौजूद प्रमुख सचिव श्रम-सेवायोजन और प्राविधिक शिक्षा एम के एस शमुगम सुंदरम ने कहा कि सिर्फ यूपीएससी या स्टेट पब्लिक सर्विस की परीक्षा को क्लियर करना कोई बेंच मार्क नहीं है। आप जिस भी फिल्ड में जाना चाहते है उसकी सफलता का दरवाजा कड़ी मेहनत और लगन से ही खुलेगा। इस मौके पर उन्होंने अपनी किताब इंटरव्यू रिडिफाइन का भी अनुभव साझा किया। कार्यक्रम की शुरुआत में मानव प्रकाश और गौरव प्रकाश ने अतिथियों का बुके देकर स्वागत किया। इसके बाद जय नरायण सिंह, आइपीएस महानिदेशक इओडब्लू, पूर्व नौकरशाह और वर्तमान में उत्तर प्रदेश स्टेट पब्लिक सर्विस टिब्यूनल के वाइस चेयरमैन के रवीन्द्र नायक, प्रमुख सचिव श्रम-सेवायोजन और प्राविधिक शिक्षा एम के एस शमुगम सुंदरम, चंदर प्रकाश और लेखक राजेश चन्द्र मिश्र ने किताब का औपचारिक रुप से विमोचन किया। यूनीवर्सल लिटरेरी एजेंसी के पार्टनर मानव प्रकाश और गौरव प्रकाश ने बताया कि किताब सभी ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध होगी। इस दौरान मिनिस्ती एस आइएएस गन्ना आयुक्त उत्तर प्रदेश सरकार, दिव्य प्रकाश गिरी आइएएस सचिव लोक निर्माण विभाग, अरविंद चौहान आइआरएस डिप्टी कमिश्नर इनकम टैक्स, अभिषेक प्रकाश एसीपी लखनऊ पुलिस, डा लुबना कमाल, वैज्ञानिक सुमित कुमार श्रीवास्तव, आजमगढ़ से आये रंगकर्मी अभिषेक पंडित, राधवेन्द्र मिश्र, अरविंद कुमार पांडे, पत्रकार रवि शंकर पांडे, अध्यापिका रेनू पांडे, समेत तमाम साहित्यकार, पत्रकार और गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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