
गुवाहाटी। असम और पूरे पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक धरोहर व अमर गायक-गीतकार भूपेन हजारीका की 100वीं जन्मजयन्ती के उपलक्ष्य में कोलकाता असामिस कल्चरल एसोसिएशन और असम सरकार के सांस्कृतिक विभाग के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय विशेष कार्यक्रम 5, 6 व 8 सितंबर 2026 को सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत 5 सितंबर को मु्कुंदपुर स्थित थिएटर में बबिता शर्मा निर्देशित डॉक्यूमेंटरी “Bhupen Da Uncut” के स्क्रीनिंग से हुई, जिसमें लंदन में रिकॉर्ड किए गए गीतकार के कैंडिड संवाद शामिल थे। स्क्रीनिंग का उद्घाटन प्रसिद्ध संगीतकार बिक्रम घोष, अभिनेत्री जया सील व लेखिका नवमालति नेओग ने किया; निर्देशक व निर्माता चिन्मय शर्मा भी उपस्थित रहे। 6 सितंबर को असम भवन, सॉल्ट लेक में आयोजित सांस्कृतिक सत्र का उद्घाटन पश्चिम बंगाल के स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्री डॉ. शरदवत्त मुखर्जी, असम सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. बी. कल्याण चक्रवर्ती, सूचना निदेशक अवनीत पुनीया, असम सांस्कृतिक निदेशालय के राहुल चंद्र दास, असम भवन के संयुक्त रेज़िडेंट कमिशनर रनदीप दाम व कलकत्ता असमीया सांस्कृतिक संघ के अध्यक्ष डॉ. खनिंद्र पाठक ने संयुक्त रूप से किया। सम्मानित अतिथि वक्ता शेख मकबूल इस्लाम ने भूपेन हजारीका की रचनात्मकता व व्यक्तित्व पर विचार व्यक्त किये। प्रस्तुति में मोना बनर्जी के नेतृत्व में प्रेयश ग्रुप ने भूपेन की रसीली धुनें प्रस्तुत कीं, किशोरी कनुशी बरुआ ने असमिया , हिंदी व बंगाली में प्रदर्शन किया। भूपेन हजारिका के कोलकाता के साथी मधुन धर ने अपने अनुभव और यादों के साथ गीत गाए। ओइशानी दत्ता रॉय ने भूपेंद्र संगीत पर कथक नृत्य, वहीं उर्मिमाला सेनगुप्ता और प्रसन्ना सैय्या द्वारा फ्यूजन नृत्य ने बंगाल-असम की एकता प्रदर्शित की। कार्यक्रम में कलकत्ता असमीया सांस्कृतिक संघ के सदस्यों ने नृत्य-गायन-नाटक के माध्यम से हजारीका की कविताएँ व साहित्यिक रचनाएँ भी मंचित कीं। सांस्कृतिक संध्या का समापन राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता गायिका-गीतकार तराली शर्मा के समर्पित प्रस्तुति से हुआ। इसी अवसर पर कलकत्ता असमीया सांस्कृतिक संघ की त्रिभाषी वार्षिक पत्रिका “सृष्टि” का 15वें अंक का द्वितीय संस्करण, भूपेन शताब्दी विशेषांक, डॉ. शरदवत्त मुखर्जी द्वारा लोकार्पित किया गया; यह अंक डॉ. ज्योति्श पयेंग द्वारा संपादित है। 8 सितंबर को तल्लीगुंज स्थित भूपेन हजारीका के निवास पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहाँ तल्लीगुंज की विधायक पापिया अधिकारी और शिक्षाविद व सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. सैकत बक्षी के साथ उपस्थित समाज ने 100 मिट्टी के दीये जलाकर शताब्दी मनाई। मिनांक डेका नेतृत्व में टीम निर्बाक ने माइम प्रस्तुत किया और वहां एकत्र सामान्य जनता ने भूपेन हजारिका के अमर गीतों का सामूहिक गायन कर कवि-गीतकार को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।कोलकाता में आयोजित यह कार्यक्रम भूपेन हजारीका के असम व बंगाल के बीच सांस्कृतिक सेतु बनाने वाले योगदान और मानवता, सार्वभौमिक भाईचारे के संदेश को स्मरण करने का सार्थक प्रयास रहा।
