समीपवर्ती गाँव में छह बीघे जमीन और लखनऊ के रायबरेली रोड पर स्थित साऊथ सिटी में भी खरीदें हैं फ्लैट।
आज़मगढ़। पूर्वांचल के आज़मगढ़ जिले में बेखौफ होकर भू-माफिया विवादित भूमि का बैनामा करा रहे हैं। इनके पास कहाँ से आ रही है आय से अधिक सम्पत्ति? यूपी के मुख्यमंत्री योगी ने गरीबों की भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया था। किन्तु हकीकत यह है कि अब फिर भू-माफिया बेखौफ घूम-घूम कर करोडों की भूमि मुंहमांगी कीमत पर खरीद रहे हैं।
मिली जानकारी के अनुसार आज़मगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोठिया गाँव के निवासी करुणानिधि पाण्डेय की करोड़ों की पैतृक जमीन जो वाराणासी-अयोध्या हाई-वे पर स्थित है। जिसे अशोक कुमार यादव पुत्र राम नवल यादव निवासी महुवारी, तहसील मेहनगर, आज़मगढ़ ने मात्र 39 लाख में रजिस्ट्री करवा लिया। इस प्रकार उक्त व्यक्ति ने बहुत कम पैसे का स्टाम्प लगाकर बड़ी धनराशि को सरकार के खजाने में जाने से पहले ही सुनियोजित तरीके से चोरी लिया है।
जब हमारे स्थानीय प्रतिनिधि ने पता किया तो चौकाने वाला तथ्य प्रकाश में आया। करोड़ों की भूमि को लाखों में रजिस्ट्री कराने वाला शख्स कोई आम आदमी नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार का अधिकारी निकला। जो वर्तमान में वाराणासी जिले में भूमि संरक्षण अधिकारी के पद पर कुंडली मारे बैठा है।
विश्वस्त सूत्रों की माने तो इस भूमि संरक्षण अधिकारी, सरकारी ड्यूटी करने के बजाय पूर्वांचल के कई जिलों में संगठित भू-माफियाओं का गिरोह संचालित करता है। जिसमें आज़मगढ़ जिले में कार्यरत मृदा परीक्षण विभाग में तैनात एक जयहिन्द यादव नाम के इंस्पेक्टर साहब भी सम्मिलित हैं। ये लोग ऐसी भूमि की खोज में अपने दलालों यानी गुर्गों को लगाए रहते हैं जो विवादित भूमि या फिर बिना बँटवारे की भूमि के उस भाग की रजिस्ट्री करवा लेते हैं, जो मुख्य सड़क की ओर होता है। जैसा कि उपरोक्त प्रकरण में हुआ है। इस लिए इनके द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई आय से अधिक सम्पत्ति की भी जांच होनी चाहिए और यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि ऐसे लोगों द्वारा पूरे देश या प्रदेश में कहाँ-कहाँ अपनी अवैध काली कमाई से भूमि और भवन खरीदा गया है।
ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या योगी सरकार के उच्च पदस्थ अधिकारी अपने अधीनस्थ भ्रष्टाचार में संलिप्त माफिया किस्म के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चिन्हित करके उन्हें सलाखों के पीछे भेज सकते हैं? योगी जी का बुलडोजर इनकी अवैध सम्पत्तियों पर कब गरजेगा?
