
इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफा के पहले दिन अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और विषयों पर आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग ने दर्शकों को देश और दुनिया के सिनेमा से रूबरू कराया।
रोहतक। सुपवा में शुक्रवार को देश-विदेश की चुनिंदा फिल्मों का संगम देखने को मिला। हरियाणा की धरती पर पहली बार आयोजित हो रहे इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफा (आईएफएफएच) के पहले दिन अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और विषयों पर आधारित फिल्मों की स्क्रीनिंग ने दर्शकों को देश और दुनिया के सिनेमा से रूबरू कराया। हरियाणी इनोवेटिव फिल्म एसोसिएशन (हाइफा) की ओर से आयोजित दो दिवसीय फेस्टिवल का आयोजन 19 और 20 सितंबर को दादा लखमी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आर्ट्स (सुपवा) के सभागार में किया जा रहा है।
फेस्टिवल का उद्देश्य क्षेत्रीय सिनेमा को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के साथ हरियाणा की भाषा, कला, संस्कृति और स्थानीय प्रतिभाओं को वैश्विक मंच उपलब्ध कराना है। फेस्टिवल के चेयरमैन एवं बॉलीवुड अभिनेता-निर्देशक यशपाल शर्मा ने बताया कि आयोजन में सुपवा विशेष सहयोगी और स्टेज एप प्रमुख प्रायोजक की भूमिका में है। देश-विदेश से प्राप्त प्रविष्टियों में से विशेष ज्यूरी द्वारा चयनित फीचर फिल्में, रीजनल फिल्में, शॉर्ट फिल्में, डॉक्यूमेंट्री और म्यूजिक वीडियो फेस्टिवल में प्रदर्शित किए जा रहे हैं।

दीप प्रज्वलन के साथ हुआ उद्घाटन
पहले दिन इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ़ हाइफ़ा की शुरुआत हिसार स्क्वॉड की टीम द्वारा संगीत, बीन और ढोलक की धुन पर गायन एवं नृत्य की प्रस्तुति देकर अतिथियों का स्वागत तथा दीप प्रज्वलन तथा सरस्वती वंदन के साथ हुई।
इस अवसर पर हाइफ़ा अध्यक्ष जनार्दन शर्मा, सचिव रामपाल बल्हारा सुपवा के रजिस्ट्रार डॉ गुंजन मलिक मनोचा, यशपाल शर्मा, विशिष्ट सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, आशा हुड़्डा, राजीव भाटिया, वंदना भाटिया, सुशील दहिया, अंशुल पठानिया, हरिओम कौशिक सहित अनेक कलाकार मंच पर मौजूद रहे।
हाइफ़ा, डीएलसीएसयूपीवी, स्टेज ऐप के पदाधिकारियों तथा अंशुल पठानिया द्वारा मुख्य अतिथि को स्मृति चिह्न एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में हाइफ़ा के अध्यक्ष जनार्दन शर्मा, आईएफएफएच के चेयरमैन यशपाल शर्मा तथा मंच पर उपस्थित अतिथियों के सामने डॉ गुंजन मलिक मनोचा द्वारा हाइफ़ा इंटरनेशनल फ़िल्म फेस्टिवल ऑफ़ हाइफ़ा की पुस्तिका का विमोचन किया गया।
इसके बाद इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ हाइफा में पहले दिन की फिल्मों का प्रदर्शन किया गया। इस क्रम में सबसे पहले लॉन्ग फ़िल्म ‘मुआवजा’ फिल्म का प्रदर्शन किया गया और फिल्म के बाद फ़िल्म की टीम से सम्बंधित विषय को लेकर चर्चा चर्चा हुई। इसके बाद क्षेत्रीय फ़िल्म के अंतर्गत मलयालम फिल्म मलावाझी’ दिखाई गई। सिनेमा की इस प्रस्तुति ने दर्शकों को अलग संस्कृति और कथ्य से परिचित कराया।
इसके बाद ‘खेलूँगा’,एनीमेशन फ़िल्म ‘एक पेड़ माँ के नाम’, ‘गुचक–द होल’, ‘डिसिडेंट्स’ और ‘लेस’ फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ ही उनके विषय, प्रस्तुति और सिनेमा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा ने आयोजन को संवादपरक बनाए रखा।
लंच के बाद भी जारी रहा फिल्मों का सिलसिला
लंच ब्रेक के बाद दर्शकों को आनंदविभोर करने वाले एक के बाद एक खूबसूरत ‘आनंद काया’ और ‘हरियाणा टू पंजाब’ म्यूजिक वीडियो प्रस्तुत किए गए। इसके बाद बेहद लाजवाब शॉर्ट फ़िल्म ‘हैंडफुल ऑफ लाइफ’ का प्रदर्शन एवं चर्चा हुई। आगे बेहद प्यारी दो ईरानी शॉर्ट फ़िल्म ‘ए लिटिल गोल्डफिश’, ‘द ब्लू बाइसिकल’ ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। ‘एनचांटिंग मुकुंदरा’ और ‘ज़ोना सेसारिनी’ फिल्मों की स्क्रीनिंग हुई।
टी-ब्रेक के बाद शाम के सत्र में क्लासिकल फिल्म ‘सांझी’ का प्रदर्शन किया गया। इसके बाद ‘सांगी’ और अंत में ‘वादा’ फिल्म दिखाई गई। इस तरह पहले दिन अलग-अलग शैलियों और विषयों की फिल्मों के जरिए दर्शकों को विविध सिनेमा का अनुभव मिला।

मास्टरक्लास में सिनेमा की बारीकियों पर संवाद
फेस्टिवल में फिल्मों की स्क्रीनिंग के साथ युवा और उभरते कलाकारों तथा फिल्मकारों के लिए विशेष मास्टरक्लास भी आयोजित की गई। पहले दिन बॉलीवुड अभिनेता अश्विन चौधरी ने सिनेमा और अभिनय से जुड़ी बारीकियों पर प्रतिभागियों से संवाद किया। इस सत्र में प्रतिभागियों को अनुभवी फिल्म प्रोफेशनल्स से सीधे सीखने और अपने सवालों के जवाब पाने का अवसर मिला।
हरियाणा सिनेमा साहित्य और कला जगत की हस्तियों की मौजूदगी
फेस्टिवल में फिल्म जगत से जुड़ी कई प्रमुख हस्तियों के शामिल हुईं है। इनमें लीजेंड अभिनेत्री सुमित्रा हुड्डा पेडनेकर, डॉ रमाकांता, राजेंद्र गौतम, राजू मान, अनूप लाठर, डॉ महासिंह पूनिया, प्रेम सिंह देहाती, शशि कल्याणी, सुशील दहिया, लीला सैनी, जगबीर राठी, योगेश भारद्वाज, इंदर सिंह लाम्बा, पूजा भारद्वाज,, रमन नासा, मीना मलिक, लोक गायिका केलापति राहवाल, गीतू परी,
अन्य मेहमान देश-विदेश के फिल्ममेकर, निर्देशक, निर्माता, अभिनेता, तकनीशियन और सिनेमा से जुड़े अन्य प्रोफेशनल्स भी समारोह का हिस्सा बने। मंच का संचालन डॉ अल्पना सुहासिनी और विशाल जिंदल और गायत्री कौशल ने किया।
अन्तिम दिन होगा अवॉर्ड समारोह
फेस्टिवल के चेयरमैन यशपाल शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय आयोजन के अंतिम दिन विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली फिल्मों और प्रतिभाओं को बेस्ट कैटेगरी अवॉर्ड से अगले दिन होने वाले अवार्ड फंक्शन में सम्मानित किया जाएगा।
