चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान पूर्ण कर शंकराचार्य जी कल पधारेंगे काशी

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वाराणसी। परमधर्माधिश अनंतश्रीविभूषित ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामिश्री: अविमुक्तेश्वरानंद: सरस्वती जी महाराज छत्तीसगढ़ के बेमतरा जिला में सलधा ग्राम में स्थित सपाद लक्षेश्वर धाम में अपना चातुर्मास्य व्रत अनुष्ठान संकल्प पूर्ण कर कल दिनांक 29.9.26 दिन मंगलवार को काशी पधारेंगे।काशी पधारने पर श्रीविद्यामठ के प्रभारी ब्रम्हचारी परमात्मानंद जी के अगुवाई में संतों एवं भक्तों द्वारा शंकराचार्य जी का पुष्पवर्षा एवं जयकारे के मध्य स्वागत एवं वंदन किया जाएगा और श्रीविद्यामठ में उनके चरण पादुका का पूजन कर भक्तों द्वारा आरती की जाएगी।शंकराचार्य जी महाराज काशी में नवरात्र पर्यन्त विराजेंगे जिस दौरान विभिन्न आध्यात्मिक अनुष्ठान एवं मांगलिक आयोजन सम्पन्न किए जाएंगे।
उक्त जानकारी देते हुए परमधर्माधिश शंकराचार्य जी महाराज के मीडिया प्रभारी संजय पाण्डेय ने बताया कि चातुर्मास्य व्रत के दौरान शंकराचार्य जी नित्य प्रातः 4:30 बजे गणेश पूजन,प्रातः 6:45 बजे सूर्यपूजन करते थे जिसके अनंतर 8:30 से 9:30 तक दंडी सन्यासियों,ब्रम्हचारीयों एवं भक्तों को प्रस्थान्त्रयी वेदांत पाठ पढ़ाते थे।फिर 9:45 श्रीविष्णु पूजन करते थे।मध्याह्न 3:00 से सायं 5 बजे तक शिव महापुराण की कथा कहते थे एवं 6:45 बजे शक्ति पूजन पूजन के साथ प्रतिदिन शंकराचार्य जी महाराज अपना चातुर्मास्य व्रत पूर्ण करते थे।
26 तारीख को अनंत चतुर्दशी के दिन चातुर्मास्य व्रत पूर्ण करने के पश्चात शंकराचार्य जी ने सलधा ग्राम में स्वयं घर घर जाकर भक्तों को दर्शन व प्रसाद प्रदान किया जिससे सालधा ग्रामवासी निहाल हो गए।सर्वविदित है कि छत्तीसगढ़ तेजी से हो रहे धर्मांतरण की समस्या से जूझ रहा था लेकिन शंकराचार्य जी महाराज ने सलधा में वर्षों पूर्व अपने सुयोग्य दंडी सन्यासी शिष्य ज्योतिर्मयानंद सरस्वती जी को भेज कर छत्तीसगढ़ में व्यापक जनजागरण कराया एवं सलधा ग्राम में सवालाख शिवलिंग का एशिया सबसे बड़ा मंदिर स्थापित करा रहे हैं एवं निरंतर छत्तीसगढ़ पहुंचकर शंकराचार्य जी ने ऐसा माहौल बनाया है कि छत्तीसगढ़ में वर्तमान समय में धर्मांतरण की समस्या कम हो गई है और सनातनधर्मी तेजी से अपने धर्म से जुड़ रहे हैं।शंकराचार्य जी महाराज ने चातुर्मास्य व्रत कर नदी का सीमोल्लंघन करके एमपी के बरहटा के धरती पर पहुंचे जहां भक्तों ने ढोल,नगाड़े,पुष्पवर्षा कर उनका जोरदार स्वागत, वंदन किया।बरहटा होते हुए शंकराचार्य जी महाराज नरसिंहपुर स्थित परमहंसी गंगा आश्रम में पहुंचकर ब्रह्मलीन द्विपीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती जी महाराज के पुण्य तिथि समाराधना आयोजन में सम्मिलित होते हुए एवं कल सड़क मार्ग से काशी पधार रहे हैं।इस सूचना से काशीवासी संतों एवं भक्तों में हर्षोल्लास का माहौल व्याप्त हो गया है।

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