देवरिया मेडिकल कॉलेज बना पूर्वांचल और बिहार के सीमावर्ती मरीजों का सहारा

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देवरिया। महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया जिले के साथ आसपास के जनपदों और बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों के मरीजों के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधा का प्रमुख केंद्र बनकर उभर रहा है। विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता और उपचार की सुविधाओं से लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज का विकल्प मिल रहा है। इससे मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्थान अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
प्रदेश सरकार की ओर से 238.74 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस मेडिकल कॉलेज की स्थापना वर्ष 2021 में हुई थी। स्थापना के बाद से ही संस्थान आमजन को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। देवरिया के अलावा आसपास के जिलों और बिहार के सीमावर्ती इलाकों से भी मरीज उपचार के लिए यहां पहुंच रहे हैं। गंभीर बीमारियों के उपचार के लिए भी मेडिकल कॉलेज लोगों के भरोसे का केंद्र बन रहा है।
मेडिकल कॉलेज का योगदान केवल मरीजों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी संस्थान उपलब्धि हासिल कर रहा है। यहां एमबीबीएस के विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रशिक्षण का अवसर मिल रहा है। संस्थान के प्रथम बैच के विद्यार्थियों ने 99 प्रतिशत सफलता प्राप्त कर महाविद्यालय की उपलब्धियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
चिकित्सा सेवाओं और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ता महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय देवरिया समेत आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए महत्वपूर्ण संस्थान बन रहा है। इससे क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और चिकित्सा शिक्षा को मजबूती मिलने की उम्मीद भी बढ़ी है।

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