देवरिया। जिला कारागार देवरिया में शुक्रवार को बंदियों के बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, विकास और पोषण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यालय कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश के निर्देश पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना (सामान्य) एवं स्पान्सरशिप योजना के प्रति बंदियों को जागरूक किया गया।
कार्यक्रम में जेल अधीक्षक आशीष रंजन झा ने बंदियों को दोनों योजनाओं के तहत मिलने वाले लाभ और शासन के दिशा-निर्देशों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पात्र बच्चों को योजनाओं से आच्छादित कराकर उन्हें शिक्षा, पोषण और बेहतर विकास के अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।
जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी जय प्रकाश तिवारी ने योजना की पात्रता और आवेदन प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि पात्र बच्चे के संरक्षक महिला कल्याण विभाग की वेबसाइट mbsyup.in पर आवश्यक अभिलेखों के साथ ऑनलाइन पंजीकरण कराकर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए संरक्षक के साथ संयुक्त बैंक खाता तथा 10 वर्ष से अधिक आयु के बच्चों के लिए उनके व्यक्तिगत नाम से बैंक खाता होना आवश्यक है। खातों का से जुड़ा होना भी अनिवार्य है। बच्चों के शैक्षणिक अभिलेखों में नाम, कक्षा, शैक्षणिक सत्र और जन्मतिथि का उल्लेख होना चाहिए।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अर्चना ने बंदियों से पात्र बच्चों को योजना का लाभ दिलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आवेदन अथवा योजना का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी होने पर जेल अधीक्षक या जिला बाल संरक्षण इकाई के संरक्षण अधिकारी से संपर्क किया जा सकता है।
इस दौरान डिप्टी जेलर गीता रानी, ज्ञान प्रकाश पाल, काउंसलर अर्चना गौड़ और जिला बाल संरक्षण इकाई के सामाजिक कार्यकर्ता राजेश यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन संरक्षण अधिकारी ने किया।
