वैश्विक वैज्ञानिकों की सूची में चमके बीबीएयू के 15 शिक्षक

0Shares

लखनऊ। बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, लखनऊ ने शोध और वैज्ञानिक उपलब्धियों के क्षेत्र में एक बार फिर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। विश्वविद्यालय के 15 संकाय सदस्यों ने दुनिया के शीर्ष दो प्रतिशत वैज्ञानिकों की प्रतिष्ठित वैश्विक सूची में स्थान हासिल कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय में हो रहे उच्चस्तरीय शोध, वैज्ञानिक नवाचार और ज्ञान के क्षेत्र में निरंतर योगदान को दर्शाती है। स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों की ओर से तैयार किए गए आंकड़ों के आधार पर वैश्विक प्रकाशन समूह एल्सेवियर द्वारा यह सूची जारी की गई है।
इस सूची में वैज्ञानिकों के शोध पत्रों, उनके शोध कार्यों को मिले उद्धरणों, एच-इंडेक्स, एचएम-इंडेक्स और वैज्ञानिक जीवन में किए गए समग्र योगदान जैसे विभिन्न मानकों को ध्यान में रखा गया है। इन मानकों के माध्यम से वैज्ञानिकों के शोध की गुणवत्ता, प्रभाव और वैश्विक स्तर पर उसकी स्वीकार्यता का आकलन किया जाता है। बीबीएयू के वैज्ञानिकों का इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल होना विश्वविद्यालय की अकादमिक क्षमता और शोध के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है।
विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों को दो अलग-अलग श्रेणियों में स्थान प्राप्त हुआ है। पहली श्रेणी दीर्घकालिक शोध प्रभाव से संबंधित है, जिसमें वैज्ञानिकों के पूरे शोध जीवन के योगदान और उनके कार्यों के प्रभाव को आधार बनाया जाता है। इस श्रेणी में विश्वविद्यालय के 10 वैज्ञानिकों को जगह मिली है। इनमें पर्यावरण विज्ञान से प्रोफेसर नवीन कुमार अरोड़ा, डॉ. विमल चंद्र पांडेय और डॉ. जय शंकर सिंह शामिल हैं। पर्यावरण सूक्ष्मजीव विज्ञान के क्षेत्र से प्रोफेसर राम चंद्र और डॉ. राम नरेश भार्गव ने भी इस उपलब्धि में योगदान दिया है। इसके अलावा गणित विभाग से प्रोफेसर बीर सिंह भदौरिया और डॉ. मुकेश कुमार अवस्थी, कंप्यूटर विज्ञान से डॉ. आदित्य खम्पारिया तथा भौतिकी विभाग से प्रोफेसर देवेश कुमार और डॉ. राजेश कुमार सिंह को भी वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है।
दूसरी श्रेणी एक वर्ष के शोध प्रभाव पर आधारित है, जो वैज्ञानिकों के हालिया शोध कार्यों और उनके समकालीन योगदान को दर्शाती है। इस श्रेणी में विश्वविद्यालय के 15 संकाय सदस्यों ने स्थान बनाया है। इनमें दीर्घकालिक शोध प्रभाव वाली श्रेणी में शामिल वैज्ञानिकों के साथ प्रोफेसर बीसी यादव, डॉ. संध्या मिश्रा, डॉ. अभिषेक वर्मा, रजनीकांत सिलिंगम और अजीत नबाचंदा सिंह भी शामिल हैं। इस प्रकार विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने दीर्घकालिक शोध योगदान के साथ-साथ हालिया अनुसंधान के क्षेत्र में भी अपनी प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है।
वैश्विक स्तर पर मिली यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे न केवल संकाय सदस्यों के शोध कार्यों को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है, बल्कि विद्यार्थियों और युवा शोधार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान के लिए प्रेरणा मिलेगी। विज्ञान, पर्यावरण, गणित, कंप्यूटर और भौतिकी जैसे विभिन्न विषयों में विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की उपलब्धियां यह दर्शाती हैं कि संस्थान में बहुविषयक शोध को बढ़ावा मिल रहा है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस उपलब्धि पर सभी वैज्ञानिकों को बधाई दी है। उम्मीद है कि यह सफलता भविष्य में शोध परियोजनाओं, अकादमिक सहयोग और वैज्ञानिक नवाचार के नए अवसरों को प्रोत्साहित करेगी। साथ ही, इससे विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक प्रतिष्ठा को और मजबूती मिलेगी। बीबीएयू के वैज्ञानिकों की यह उपलब्धि उच्च शिक्षा और अनुसंधान के क्षेत्र में संस्थान की निरंतर प्रगति का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *