आजाद नगर में पालतू कुत्ते की याद में तेरहवीं और ब्रह्मभोज, सुंदरकांड पाठ का भी हुआ आयोजन।
गोरखपुर। आजाद नगर निवासी सुरसरी प्रसाद मिश्र के बेटे अनिल मिश्र को पालतू जानवरों से बेहद लगाव है। करीब सात वर्ष पहले वह एक कुत्ते को घर लाए थे। परिवार ने उसका नाम बफी रखा। धीरे-धीरे बफी घर के हर सदस्य का प्रिय बन गया। परिवार के लोगों का उससे इतना गहरा जुड़ाव हो गया था कि वह घर के एक सदस्य की तरह रहने लगा था। रिश्तेदार भी बफी से काफी स्नेह करते थे।
परिवार के मुताबिक, अचानक बफी की तबीयत खराब हो गई। उसे उपचार के लिए ले जाया गया, जहां जांच के दौरान उसके पेट में अल्सर होने की जानकारी मिली। परिवार ने उसे बचाने के लिए उपचार कराया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। बफी के निधन से परिवार के सदस्य बेहद दुखी हैं।
बफी से जुड़ी यादों को संजोने और उसे श्रद्धांजलि देने के लिए परिवार ने तेरहवीं और ब्रह्मभोज का आयोजन किया। इस दौरान सुंदरकांड का पाठ भी कराया गया। परिवार का यह कदम बेजुबान पशुओं के प्रति प्रेम, संवेदना और आत्मीय लगाव को दर्शाता है।
